डॉ. राजेंद्र प्रसाद का जीवन-परिचय
का जन्म 3 दिसंबर 1884 को बिहार के जीरादेई (सिवान) में हुआ था। उनके पिता का नाम महादेव सहाय तथा माता का नाम कमलेश्वरी देवी था।
उन्होंने प्रारंभिक शिक्षा के बाद उच्च शिक्षा से प्राप्त की। वे एक प्रतिभाशाली विद्यार्थी, प्रसिद्ध वकील, स्वतंत्रता सेनानी और महान राष्ट्रनेता थे। उन्होंने के नेतृत्व में स्वतंत्रता आंदोलन में सक्रिय भाग लिया।
भारत की स्वतंत्रता के बाद वे 26 जनवरी 1950 को देश के प्रथम राष्ट्रपति बने और 1962 तक इस पद पर रहे। उन्हें 1962 में भारत रत्न से सम्मानित किया गया। उनका निधन 28 फ़रवरी 1963 को हुआ।
प्रमुख रचनाएँ
डॉ. राजेंद्र प्रसाद की प्रमुख पुस्तकें हैं:
- (आत्मकथा)
निष्कर्ष
डॉ. राजेंद्र प्रसाद सादगी, ईमानदारी और राष्ट्रसेवा के प्रतीक थे। उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम और स्वतंत्र भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उनकी रचनाएँ उनके विचारों, देशभक्ति और सामाजिक दृष्टिकोण को दर्शाती हैं।