प्लैटीपस; प्लैटीपस पर विस्तृत लेख (By- Vaishno verma )

 

प्लैटीपस दुनिया के सबसे रहस्यमय, विचित्र और रोचक जीवों में से एक है। इसका शरीर स्तनधारियों जैसा, चोंच बत्तख जैसी, पैर बीवर जैसे और पूंछ ऊदबिलाव जैसी दिखती है। इतना सब होने के बाद भी यह एक अद्भुत जीव है, जिसे देखकर पहली बार वैज्ञानिक भी भ्रमित हो गए थे कि यह आखिर किस प्रजाति में आता है। प्लैटीपस केवल ऑस्ट्रेलिया में पाया जाता है और इसे प्रकृति का लाखों वर्षों पुराना अनोखा चमत्कार माना जाता है।

इस लेख में हम प्लैटीपस के जीवन, बनावट, आदतों, भोजन, आवास, प्रजनन, इतिहास, उपयोगिता और संरक्षण के बारे में गहराई से जानेंगे।



1. प्लैटीपस का परिचय

प्लैटीपस को हिंदी में शाह-मुगर या बत्तख-छछूंदर भी कहा जाता है। यह एक स्तनधारी (Mammal) है, लेकिन सामान्य स्तनधारियों की तरह बच्चों को जन्म देने के बजाय अंडे देता है, जो इसकी सबसे अनोखी पहचान है।

यह मोनोट्रीम (Monotreme) वर्ग का सदस्य है, जिसमें केवल दो ही जीव आते हैं—

  1. प्लैटीपस

  2. एकिडना (Echidna)

ये जीव स्तनधारी होते हुए भी अंडे देने और कुछ सरीसृप जैसी विशेषताएँ रखने के कारण दुनिया के सबसे अनोखे जीवों में गिने जाते हैं।

2. प्लैटीपस का इतिहास और खोज

प्लैटीपस को पहली बार यूरोप के वैज्ञानिकों ने 1799 में देखा। जब इसका पहला नमूना लंदन भेजा गया, तो वैज्ञानिकों को विश्वास ही नहीं हुआ कि ऐसा जीव सच में हो सकता है। उन्होंने सोचा कि किसी ने बत्तख, ऊदबिलाव और छछूंदर के शरीर के हिस्सों को जोड़कर एक नकली जीव बना दिया है।

लेकिन जब कई नमूने मिले और असली साबित हुए, तब वैज्ञानिक दंग रह गए।
इतिहास में ऐसा कम ही हुआ कि किसी जानवर ने विज्ञान जगत में इतनी बड़ी उलझन पैदा की हो।

3. प्लैटीपस की शारीरिक बनावट

प्लैटीपस की शारीरिक संरचना इतनी अनोखी है कि यह किसी एक श्रेणी में फिट नहीं बैठता। इसकी खास विशेषताएँ इस प्रकार हैं—

1. बत्तख जैसी चोंच

इसकी चोंच चमड़े जैसी मुलायम और संवेदनशील होती है, जिससे यह पानी के भीतर शिकार ढूँढता है। इसकी चोंच में इलेक्ट्रो-रिसेप्टर होते हैं जिससे यह शिकार की हल्की विद्युत गतिविधि भी महसूस कर सकता है।

2. ऊदबिलाव जैसा शरीर

इसके शरीर पर मोटी और वाटरप्रूफ फर होती है, जो ठंडे पानी में इसे गर्म रखती है।

3. बीवर जैसी पूंछ

प्लैटीपस अपनी चौड़ी और सपाट पूंछ का उपयोग संतुलन बनाने, तैरने और वसा जमा करने के लिए करता है।

4. पैर और पंजे

इसके पैर झिल्लीदार होते हैं, जिससे यह तेज़ी से तैर सकता है। जमीन पर यह पंजों का उपयोग खोदने के लिए करता है।

5. जहरीला नुकीला स्पर

नर प्लैटीपस के पिछले पैरों में एक नुकीला स्पर होता है जिसे वह जहर छोड़ने के लिए इस्तेमाल करता है। यह विष इंसानों को मार नहीं सकता, लेकिन अत्यधिक दर्द देता है।

4. प्लैटीपस कहाँ पाया जाता है?

प्लैटीपस केवल पूर्वी ऑस्ट्रेलिया और तस्मानिया में पाया जाता है।
यह मुख्य रूप से—

  • नदियों

  • झीलों

  • दलदली क्षेत्रों

  • पहाड़ी झरनों

  • साफ़ पानी वाले इलाकों

में रहता है। पानी प्लैटीपस के जीवन का सबसे बड़ा हिस्सा है क्योंकि यह ज्यादातर समय तैरने, शिकार करने और ठंडक पाने में बिताता है।

5. प्लैटीपस का व्यवहार और आदतें

प्लैटीपस बहुत ही शांत, शर्मीला और रात में सक्रिय रहने वाला जीव है।

1. पानी में जीवन

प्लैटीपस अपने जीवन का 60–70% हिस्सा पानी में बिताता है। यह एक उत्कृष्ट तैराक है और झिल्लीदार पैरों का उपयोग कर तेजी से तैरता है।

2. जमीन पर व्यवहार

जमीन पर यह धीमी गति से चलता है, लेकिन आवश्यकता पड़ने पर शानदार ढंग से मिट्टी में बिल खोद सकता है।

3. सामाजिक व्यवहार

प्लैटीपस आमतौर पर अकेले रहता है। यह अपने क्षेत्र की रक्षा करता है और दूसरे प्लैटीपस को अपने क्षेत्र में घुसने नहीं देता।

4. सूंघकर और महसूस कर शिकार

यह पानी के भीतर अपनी आँखें, कान और नाक बंद कर लेता है और केवल चोंच के संवेदनशील हिस्से से शिकार महसूस करता है।

6. प्लैटीपस का भोजन

प्लैटीपस एक मांसाहारी जीव है। इसका मुख्य भोजन है—

  • कीड़े

  • झींगें

  • छोटी मछलियाँ

  • केंचुए

  • घोंघे

  • जलीय कीट

  • जलकुंभियों में रहने वाले जीव

यह पानी के अंदर गोता लगाकर कीचड़ में से शिकार निकालता है। इसका मुँह दाँतों की जगह छोटे-छोटे प्लेट्स का उपयोग करता है जिससे यह अपना खाना चबाता है।

7. प्रजनन—प्लैटीपस अंडे कैसे देता है?

प्लैटीपस की प्रजनन प्रक्रिया बेहद अनोखी है क्योंकि यह स्तनधारी होने के बावजूद अंडे देता है।

1. घोंसला बनाना

मादा प्लैटीपस नदी किनारे एक लंबी सुरंग खोदकर उसके अंत में घोंसला बनाती है।

2. अंडे देना

यह 1 से 3 अंडे देती है।
अंडे त्वचा जैसे मुलायम होते हैं, बिल्कुल सरीसृपों के अंडों की तरह।

3. बच्चे निकलना

10–12 दिन बाद अंडों से बच्चे निकल आते हैं।
ये बिल्कुल नग्न, आँखें बंद और बहुत छोटे होते हैं।

4. दूध पिलाना

मादा प्लैटीपस के स्तन नहीं होते, बल्कि त्वचा की ग्रंथियों से दूध बाहर निकलता है जिसे बच्चे चाटकर पीते हैं।
यह स्तनधारियों के विकास का बहुत पुराना रूप माना जाता है।

8. प्लैटीपस का जीवन चक्र

प्लैटीपस का जीवन चक्र इस प्रकार है—

  1. अंडा चरण – 10 से 12 दिन

  2. नवजात चरण – 3 महीने तक

  3. किशोर चरण – 9 से 12 महीने

  4. वयस्क चरण – लगभग 2 वर्ष से जीवन भर

प्लैटीपस की उम्र औसतन 10–15 वर्ष तक होती है।

9. प्लैटीपस वैज्ञानिकों के लिए इतना महत्वपूर्ण क्यों है?

प्लैटीपस को जीवित जीवाश्म (Living Fossil) कहा जाता है क्योंकि इसकी विशेषताएँ लाखों वर्ष पुराने स्तनधारियों जैसी हैं।

वैज्ञानिक अध्ययन के कारण—

  • यह स्तनधारी है लेकिन अंडे देता है

  • इसकी चोंच पर इलेक्ट्रिक सेंसर्स हैं

  • नर के पास विष होता है

  • इसमें सरीसृप और स्तनधारी दोनों के गुण हैं

  • इसके DNA में कई अनोखी विशेषताएँ पाई गई हैं

वैज्ञानिक प्लैटीपस का अध्ययन करके समझने की कोशिश करते हैं कि स्तनधारियों का विकास कैसे हुआ।

10. पर्यावरण में प्लैटीपस का महत्व

प्लैटीपस पानी में रहने वाले छोटे जीवों की आबादी को नियंत्रित करता है।
यह प्रकृति की खाद्य श्रृंखला का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।

पर्यावरणीय भूमिका—

  • पानी में जैव विविधता को संतुलित रखना

  • कीड़ों की मात्रा नियंत्रित करना

  • जल-प्रणाली का स्वास्थ्य बनाए रखना

जहाँ प्लैटीपस होता है, वहाँ पानी का पर्यावरण अधिक स्वस्थ माना जाता है।

11. प्लैटीपस के सामने खतरे

प्लैटीपस कई तरह के खतरों से घिरा हुआ है—

  1. जल प्रदूषण

  2. नदियों का सूखना

  3. बांध और निर्माण कार्य

  4. शिकार और अवैध व्यापार

  5. कुत्तों और लोमड़ियों का हमला

  6. क्लाइमेट चेंज

इन सबके कारण प्लैटीपस की संख्या धीरे-धीरे कम हो रही है और इसे Near Threatened श्रेणी में डाल दिया गया है।

12. प्लैटीपस के संरक्षण के प्रयास

ऑस्ट्रेलिया सरकार ने प्लैटीपस की रक्षा के लिए कई कदम उठाए हैं—

  • प्राकृतिक आवासों की सुरक्षा

  • प्रदूषण रोकना

  • जलस्रोतों को बचाना

  • शिकारी जानवरों से संरक्षण

  • वैज्ञानिक अनुसंधान

अब कई संगठन प्लैटीपस को बचाने के लिए जागरूकता अभियान भी चला रहे हैं।

13. प्लैटीपस और मनुष्य का संबंध

प्लैटीपस देखने में जितना प्यारा है, उतना ही लोगों के लिए आकर्षण का विषय भी है।

  • यह ऑस्ट्रेलिया का राष्ट्रीय प्रतीक माना जाता है

  • कई कार्टून, कहानियाँ और फिल्मों में इसका उपयोग किया गया है

  • बच्चे इसे देखकर बहुत खुश हो जाते हैं

  • वैज्ञानिकों के लिए यह बेहद महत्वपूर्ण जीव है

प्लैटीपस का महत्व न केवल वैज्ञानिक जगत में है बल्कि संस्कृति और पर्यावरण दोनों में है।

निष्कर्ष

प्लैटीपस वास्तव में धरती के सबसे अनोखे जीवों में से एक है। इसके शरीर में स्तनधारी, पक्षी और सरीसृप तीनों की झलक मिलती है। इसकी चोंच, इसके अंडे देने की क्षमता, नर का विष, इलेक्ट्रिक सेंसिंग और जल-जीवन इसे प्रकृति की एक अविश्वसनीय रचना बनाते हैं।

इस लेख के माध्यम से हमने प्लैटीपस के इतिहास, जीवन, बनावट, भोजन, प्रजनन, व्यवहार, महत्व और संरक्षण के बारे में विस्तार से जाना। आज प्लैटीपस को हमारी जरूरत है, क्योंकि उसके प्राकृतिक आवास लगातार नष्ट हो रहे हैं।
अगर हम प्रकृति की इस अनमोल धरोहर की रक्षा नहीं करेंगे, तो आने वाली पीढ़ियाँ इसे केवल किताबों में देख पाएँगी।

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