35,000 फीट की ऊँचाई पर छुपा हुआ विज्ञान और रोमांचक सच ⚡✈️
जब बादलों के बीच उड़ता हुआ हवाई जहाज़ अचानक तेज़ चमक और गरज के बीच घिर जाता है, तो यात्रियों के मन में एक डर उठता है —
अगर विमान पर बिजली गिर जाए तो क्या होगा?
क्या वह तुरंत जल जाएगा? क्या इंजन बंद हो जाएगा? या क्या पूरा विमान गिर सकता है?
यह सवाल रोमांचक भी है और थोड़ा डरावना भी। लेकिन इसके पीछे का विज्ञान बेहद दिलचस्प है।
इस ब्लॉग में हम जानेंगे:
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क्या सच में विमानों पर बिजली गिरती है?
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गिरती है तो क्या नुकसान होता है?
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विमान को कैसे सुरक्षित बनाया जाता है?
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इतिहास में क्या कभी बिजली से विमान दुर्घटनाग्रस्त हुआ है?
क्या हवाई जहाज़ पर बिजली गिरती है?
हाँ, बिल्कुल गिरती है।
औसतन हर कमर्शियल विमान पर साल में कम से कम एक बार बिजली गिरती है।
जब विमान बादलों के बीच उड़ता है, खासकर क्यूम्युलोनिंबस (Cumulonimbus) जैसे तूफानी बादलों में, तो बिजली गिरने की संभावना रहती है।
लेकिन दिलचस्प बात यह है कि:
ज्यादातर मामलों में यात्रियों को पता भी नहीं चलता कि विमान पर बिजली गिरी है।
बिजली गिरने का विज्ञान
बिजली तब पैदा होती है जब:
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बादलों में पॉजिटिव और नेगेटिव चार्ज अलग हो जाते हैं
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चार्ज का अंतर बहुत बढ़ जाता है
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अचानक ऊर्जा का डिस्चार्ज होता है
जब विमान ऐसे क्षेत्र से गुजरता है, तो वह भी चार्ज को आकर्षित कर सकता है।
लेकिन यहाँ असली रहस्य शुरू होता है।
विमान क्यों नहीं जलता?
हवाई जहाज़ को विशेष रूप से इस तरह डिजाइन किया जाता है कि वह बिजली को सह सके।
1. धातु की बॉडी (Faraday Cage Effect)
विमान की बाहरी परत एल्यूमिनियम या विशेष धातु से बनी होती है।
जब बिजली गिरती है:
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करंट विमान की बाहरी सतह पर फैल जाता है
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अंदर प्रवेश नहीं करता
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यात्रियों तक नहीं पहुँचता
इसे कहते हैं: Faraday Cage Effect
2. करंट का बाहर निकलना
बिजली आमतौर पर:
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विमान के नाक (nose) पर प्रवेश करती है
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पंख या पूंछ के किनारे से बाहर निकल जाती है
यानी करंट बाहर ही बाहर बह जाता है।
क्या इंजन बंद हो सकता है?
आधुनिक जेट इंजन इस तरह बनाए जाते हैं कि वे बिजली से प्रभावित न हों।
जैसे कि बड़े विमान निर्माता:
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Boeing
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Airbus
अपने विमानों को बिजली-प्रतिरोधी (Lightning Resistant) बनाते हैं।
इंजन और इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम में:
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शील्डिंग
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ग्राउंडिंग
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बैकअप सिस्टम
मौजूद होते हैं।
अगर एक सिस्टम फेल हो जाए, तो दूसरा तुरंत काम संभाल लेता है।
क्या इतिहास में कभी बिजली से विमान गिरा है?
हाँ, बहुत पुराने समय में, जब तकनीक इतनी उन्नत नहीं थी, कुछ घटनाएँ हुई थीं।
1960 के दशक में कुछ मामलों में बिजली से ईंधन टैंक में विस्फोट हुआ था।
लेकिन अब:
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फ्यूल टैंक को सुरक्षित बनाया गया है
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इलेक्ट्रिकल सिस्टम को मजबूत किया गया है
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सख्त परीक्षण किए जाते हैं
आज बिजली से विमान दुर्घटना की संभावना बेहद कम है।
विमान को कैसे टेस्ट किया जाता है?
निर्माता कंपनियाँ विमान पर:
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कृत्रिम बिजली गिराकर टेस्ट करती हैं
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उच्च वोल्टेज करंट पास करती हैं
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कंप्यूटर सिमुलेशन चलाती हैं
ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि असली तूफान में भी विमान सुरक्षित रहेगा।
क्या यात्रियों को झटका महसूस होता है?
कभी-कभी:
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तेज़ चमक दिखाई देती है
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हल्का कंपन महसूस होता है
लेकिन अंदर बैठे लोग सुरक्षित रहते हैं।
कॉकपिट में बैठे पायलट भी प्रशिक्षित होते हैं कि:
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तूफान से बचने का मार्ग चुनें
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रडार से बादलों की पहचान करें
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जरूरत हो तो ऊँचाई बदलें
विमान में मौजूद सुरक्षा सिस्टम
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Weather Radar
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Static Dischargers (पंखों के पीछे लगे छोटे उपकरण)
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Multiple Backup Power System
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Fire Protection System
इन सबका उद्देश्य है —
यात्रियों की पूर्ण सुरक्षा।
क्या भविष्य में विमान और सुरक्षित होंगे?
नई तकनीक के साथ:
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कंपोजिट मटेरियल
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बेहतर ग्राउंडिंग सिस्टम
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AI आधारित मौसम पूर्वानुमान
विमान और ज्यादा सुरक्षित बन रहे हैं।
सबसे बड़ा डर क्यों होता है?
क्योंकि:
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बिजली को हम धरती पर खतरनाक मानते हैं
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कार या पेड़ पर गिरने से नुकसान होता है
लेकिन विमान एक उड़ता हुआ सुरक्षित ढांचा है, जो विशेष रूप से इसी खतरे के लिए तैयार किया गया है।
निष्कर्ष
तो क्या विमान बिजली गिरने के बाद भी सुरक्षित रहता है?
👉 हाँ।
आधुनिक विमान इस तरह डिजाइन किए जाते हैं कि वे बिजली को सह सकें।
👉 बिजली गिरना असामान्य नहीं है।
लेकिन यह आमतौर पर खतरनाक भी नहीं है।
विमान विज्ञान, इंजीनियरिंग और सुरक्षा परीक्षणों का अद्भुत उदाहरण है।
इसलिए अगली बार जब आप बादलों के बीच उड़ें —
डरें नहीं, बल्कि उस अद्भुत तकनीक की सराहना करें जो आपको सुरक्षित रखती है। ✈️⚡
