कोटा में छात्रों पर बढ़ता मानसिक दबाव – कारण और समाधान BY ARCHANA YADAV

 

राजस्थान का शहर Kota आज देश का सबसे बड़ा कोचिंग हब माना जाता है। हर साल लाखों छात्र यहाँ इंजीनियरिंग और मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी के लिए आते हैं। विशेष रूप से IIT और NEET जैसी कठिन परीक्षाओं की तैयारी के लिए कोटा एक प्रमुख केंद्र बन चुका है।

लेकिन जहाँ एक तरफ सफलता की कहानियाँ हैं, वहीं दूसरी तरफ छात्रों पर बढ़ता मानसिक दबाव (Mental Pressure) एक गंभीर सामाजिक मुद्दा बन गया है।

यह लेख इसी विषय का गहराई से विश्लेषण करता है—
✔ मानसिक दबाव के कारण
✔ इसके प्रभाव
✔ परिवार और समाज की भूमिका
✔ कोचिंग संस्थानों की जिम्मेदारी
✔ समाधान और सुधार के उपाय

 1. कोटा की प्रतिस्पर्धी संस्कृति

कोटा का पूरा वातावरण प्रतियोगी परीक्षाओं के इर्द-गिर्द घूमता है।
हर छात्र का लक्ष्य एक ही होता है – चयन (Selection)।

जब एक ही क्लास में सैकड़ों मेधावी छात्र बैठते हैं, तो तुलना स्वाभाविक हो जाती है।

  • हर हफ्ते टेस्ट

  • रैंकिंग सिस्टम

  • बैच परिवर्तन

  • टॉपर्स की सूची

यह सब छात्रों के मन में लगातार प्रतिस्पर्धा और असुरक्षा की भावना पैदा करता है।

 2. मानसिक दबाव के मुख्य कारण

(1) अत्यधिक प्रतियोगिता

IIT और मेडिकल सीटें सीमित हैं, जबकि अभ्यर्थी लाखों।
इस असंतुलन से तनाव बढ़ता है।

(2) पारिवारिक अपेक्षाएँ

कई परिवार अपनी आर्थिक स्थिति सुधारने का सपना बच्चों से जोड़ देते हैं।

  • “तुम्हें डॉक्टर ही बनना है”

  • “हमने तुम्हारे लिए सब त्याग किया है”

ऐसे वाक्य छात्रों के मन पर गहरा असर डालते हैं।

(3) अकेलापन और घर से दूर रहना

अधिकांश छात्र पहली बार घर से दूर रहते हैं।
हॉस्टल जीवन, नया शहर, नई दिनचर्या – यह सब मानसिक संतुलन को प्रभावित करता है।

(4) लंबे अध्ययन घंटे

रोज 10–12 घंटे पढ़ाई
साप्ताहिक टेस्ट
लगातार होमवर्क

शारीरिक और मानसिक थकान तनाव को बढ़ाती है।

(5) असफलता का डर

अगर टेस्ट में कम अंक आए तो:

  • आत्मविश्वास कम हो जाता है

  • तुलना बढ़ जाती है

  • भविष्य को लेकर डर पैदा होता है

 3. मानसिक दबाव के लक्षण

  • नींद न आना

  • भूख कम लगना

  • चिड़चिड़ापन

  • आत्मविश्वास में कमी

  • सामाजिक दूरी

यदि समय पर ध्यान न दिया जाए तो यह अवसाद (Depression) का रूप ले सकता है।

 4. कोचिंग संस्थानों की भूमिका

कोटा के बड़े संस्थान जैसे:

  • Allen Career Institute

  • Resonance

ने हाल के वर्षों में काउंसलिंग सिस्टम शुरू किए हैं।

  • मोटिवेशनल सेशन

  • मेंटरशिप

  • मनोवैज्ञानिक सहायता

लेकिन अभी भी सुधार की आवश्यकता है।

 5. सामाजिक और आर्थिक प्रभाव

कोटा की अर्थव्यवस्था छात्रों पर निर्भर है।
लेकिन यदि मानसिक दबाव बढ़ता है तो:

  • शहर की छवि प्रभावित होती है

  • माता-पिता में डर पैदा होता है

  • शिक्षा मॉडल पर सवाल उठते हैं

 6. समाधान – क्या किया जा सकता है?

✔ 1. संतुलित अध्ययन प्रणाली

  • छोटे-छोटे ब्रेक

  • खेल और योग

  • मनोरंजन गतिविधियाँ

✔ 2. माता-पिता की समझ

  • परिणाम से अधिक प्रयास पर ध्यान दें

  • बच्चे की भावनाएँ समझें

  • विकल्पों को स्वीकार करें

✔ 3. काउंसलिंग और मानसिक स्वास्थ्य सहायता

  • नियमित मनोवैज्ञानिक सत्र

  • तनाव प्रबंधन वर्कशॉप

  • 24×7 हेल्पलाइन

✔ 4. आत्म-प्रबंधन (Self-Management)

छात्र खुद भी इन उपायों को अपनाएँ:

  • रोज 7–8 घंटे नींद

  • ध्यान (Meditation)

  • सकारात्मक सोच

  • तुलना से बचें

 7. क्या ऑनलाइन शिक्षा समाधान है?

ऑनलाइन पढ़ाई से घर में रहकर तैयारी संभव है।
लेकिन:

  • प्रतियोगी माहौल कम हो जाता है

  • अनुशासन बनाए रखना कठिन होता है

इसलिए संतुलित मॉडल की आवश्यकता है।

8. प्रशासन की भूमिका

स्थानीय प्रशासन ने:

  • हेल्पलाइन नंबर जारी किए

  • हॉस्टल नियमों में बदलाव किया

  • काउंसलिंग सेंटर बढ़ाए

यह सकारात्मक कदम हैं।

 9. छात्रों के लिए प्रेरक संदेश

✔ असफलता अंत नहीं है
✔ जीवन केवल एक परीक्षा नहीं है
✔ कई करियर विकल्प उपलब्ध हैं
✔ मानसिक स्वास्थ्य सबसे महत्वपूर्ण है

 निष्कर्ष

कोटा एक अवसरों का शहर है, लेकिन बढ़ती प्रतिस्पर्धा और अपेक्षाओं ने छात्रों पर मानसिक दबाव बढ़ा दिया है।

समाधान केवल कोचिंग संस्थानों के पास नहीं, बल्कि:

  • माता-पिता

  • शिक्षक

  • प्रशासन

  • और स्वयं छात्रों

सभी को मिलकर संतुलित वातावरण बनाना होगा।

जीवन किसी एक परीक्षा से बड़ा है। सफलता कई रूपों में मिलती है।

यदि आप या आपका कोई परिचित अत्यधिक तनाव महसूस कर रहा है, तो मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ से बात करना आवश्यक है। मदद लेना कमजोरी नहीं, बल्कि समझदारी है।

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