जब हम रात के आकाश को देखते हैं तो हमें तारे दिखाई देते हैं, लेकिन असल में वहाँ सैकड़ों मानव-निर्मित सैटेलाइट भी पृथ्वी के चारों ओर घूम रहे होते हैं। सबसे बड़ा सवाल यह उठता है — अंतरिक्ष में हवा नहीं है, सहारा नहीं है, तो सैटेलाइट गिर क्यों नहीं जाता? वह रुका कैसे रहता है?
यह विषय सच में रहस्यमय लगता है, लेकिन इसके पीछे गहरा विज्ञान छिपा है। आइए इसे सरल भाषा में समझते हैं।
1. क्या सैटेलाइट सच में “रुका” होता है?
सच यह है कि सैटेलाइट कभी भी स्थिर नहीं होता।
वह लगातार पृथ्वी के चारों ओर बहुत तेज गति से घूम रहा होता है।
उदाहरण के लिए:
International Space Station लगभग 28,000 किमी/घंटा की गति से पृथ्वी के चारों ओर घूमता है।
तो असली रहस्य है —
वह गिरता क्यों नहीं?
2. गुरुत्वाकर्षण और गति का संतुलन
यह पूरा खेल दो शक्तियों के बीच संतुलन का है:
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पृथ्वी का गुरुत्वाकर्षण बल (जो उसे नीचे खींचता है)
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सैटेलाइट की आगे की गति (जो उसे सीधा आगे ले जाती है)
यह सिद्धांत सबसे पहले Isaac Newton ने समझाया था।
सरल उदाहरण:
मान लीजिए आप एक गेंद को सीधा नीचे गिराते हैं — वह गिर जाएगी।
लेकिन अगर आप उसे बहुत तेज आगे की ओर फेंकें — तो वह गिरते हुए भी आगे बढ़ेगी।
अगर गति बहुत ज्यादा हो जाए — तो वह पृथ्वी के चारों ओर घूमने लगेगी।
यही कक्षा (Orbit) है।
3. कक्षा (Orbit) क्या होती है?
जब कोई वस्तु इतनी तेज गति से आगे बढ़ती है कि वह गिरते हुए भी पृथ्वी से टकराती नहीं — तो वह कक्षा में आ जाती है।
इसे हम “लगातार गिरना लेकिन कभी जमीन तक न पहुँचना” भी कह सकते हैं।
4. सैटेलाइट के प्रकार
(A) निम्न पृथ्वी कक्षा (Low Earth Orbit – LEO)
यह पृथ्वी से लगभग 160–2000 किमी ऊपर होती है।
NASA और ISRO के कई सैटेलाइट यहाँ होते हैं।
(B) भूस्थिर कक्षा (Geostationary Orbit – GEO)
यह लगभग 36,000 किमी ऊपर होती है।
यहाँ सैटेलाइट पृथ्वी की घूर्णन गति के बराबर घूमता है।
इसका मतलब —
वह हमें आकाश में “एक ही जगह स्थिर” दिखाई देता है।
🚀 5. सैटेलाइट को कक्षा में कैसे भेजा जाता है?
सैटेलाइट को सीधे अंतरिक्ष में नहीं रखा जाता।
उसे रॉकेट के माध्यम से ऊपर ले जाया जाता है।
भारत में PSLV और GSLV जैसे प्रक्षेपण यान उपयोग किए जाते हैं।
🌠 6. अगर गति कम हो जाए तो क्या होगा?
अगर सैटेलाइट की गति कम हो जाए:
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वह धीरे-धीरे नीचे आने लगेगा
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वायुमंडल में प्रवेश करेगा
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और जलकर नष्ट हो सकता है
इसे “री-एंट्री” कहा जाता है।
7. क्या अंतरिक्ष में गुरुत्वाकर्षण नहीं होता?
बहुत लोग सोचते हैं कि अंतरिक्ष में गुरुत्वाकर्षण नहीं होता —
लेकिन यह गलत है।
Albert Einstein के सापेक्षता सिद्धांत के अनुसार, गुरुत्वाकर्षण हर जगह मौजूद है।
अंतरिक्ष यात्री इसलिए तैरते हुए दिखते हैं क्योंकि वे और उनका अंतरिक्ष यान दोनों पृथ्वी की ओर समान गति से गिर रहे होते हैं।
8. क्या सैटेलाइट हमेशा के लिए अंतरिक्ष में रहेगा?
नहीं।
समय के साथ:
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ईंधन खत्म हो सकता है
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कक्षा अस्थिर हो सकती है
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अंतरिक्ष कचरे से टकराव हो सकता है
इसलिए वैज्ञानिक लगातार उनकी निगरानी करते हैं।
9. आधुनिक उदाहरण
आज इंटरनेट देने वाले सैटेलाइट भी अंतरिक्ष में हैं।
जैसे SpaceX की Starlink परियोजना।
असली रहस्य क्या है?
सैटेलाइट “रुका” नहीं है।
वह लगातार पृथ्वी के चारों ओर गिर रहा है — लेकिन उसकी आगे की गति इतनी अधिक है कि वह कभी जमीन तक नहीं पहुँचता।
यही विज्ञान का जादू है।
