ज्वालामुखी कैसे फटता है? – पृथ्वी का रहस्यमय विस्फोट BY ARCHANA YADAV


पृथ्वी एक जटिल और अद्भुत ग्रह है। इसके भीतर का हिस्सा, जिसे हम “अंदरूनी पृथ्वी” कहते हैं, लगातार सक्रिय रहता है। कभी-कभी यह सक्रियता इतनी तीव्र होती है कि ज्वालामुखी फटकर लावा, राख और गैस बाहर निकाल देता है

ज्वालामुखी फटना केवल एक प्राकृतिक घटना नहीं है, बल्कि यह भौतिक विज्ञान, भूविज्ञान और रसायन विज्ञान का जीवंत उदाहरण है।

इस ब्लॉग में हम जानेंगे:

  1. ज्वालामुखी क्या है

  2. ज्वालामुखी के प्रकार

  3. पृथ्वी के भीतर होने वाली प्रक्रियाएँ

  4. ज्वालामुखी कैसे फटता है

  5. लावा, राख और गैस का विज्ञान

  6. प्रमुख उदाहरण और इतिहास

  7. निष्कर्ष

🌋 ज्वालामुखी क्या है?

ज्वालामुखी (Volcano) वह स्थल है जहाँ पृथ्वी के भीतर का द्रव्यमान, गैस और पिघला हुआ चट्टान (मॉल्टेन रॉक / Magma) सतह पर बाहर निकलता है।

  • ज्वालामुखी को आमतौर पर पर्वत के रूप में देखा जाता है।

  • इसमें मुख (Crater) और धुँआ/गैस का स्तंभ होता है।

  • ज्वालामुखी के फटने को विस्फोट (Eruption) कहते हैं।

🔹 ज्वालामुखी के प्रकार

1️⃣ शील्ड वोल्केनो (Shield Volcano)

  • धीरे-धीरे और शांतिपूर्ण रूप से लावा बहता है।

  • उदाहरण: Mauna Loa, Hawaii

2️⃣ स्ट्रैटोवोल्केनो (Stratovolcano / Composite Volcano)

  • विस्फोटक होते हैं।

  • राख और गैस को ऊँचाई तक फेंकते हैं।

  • उदाहरण: Mount Fuji, Japan

3️⃣ कॉन्डाइट वोल्केनो (Cinder Cone Volcano)

  • छोटे आकार के होते हैं।

  • विस्फोट के समय राख और पत्थर उड़ाते हैं।

  • उदाहरण: Parícutin, Mexico

🌍 पृथ्वी के भीतर क्या होता है?

पृथ्वी की सतह के नीचे क्रस्ट (Crust), मेंटल (Mantle) और कोर (Core) होते हैं।

  1. क्रस्ट (Crust) – पृथ्वी की ठोस बाहरी परत

  2. मेंटल (Mantle) – गर्म और लचीला परत, जिसमें मैग्मा मौजूद रहता है

  3. कोर (Core) – अंदरूनी गर्म क्षेत्र

मैग्मा कैसे बनता है?

  • मेंटल की गर्मी चट्टानों को पिघला देती है।

  • जब द्रव्यमान और दबाव बढ़ते हैं, तो मैग्मा सतह की ओर उठता है।

🔬 ज्वालामुखी कैसे फटता है?

ज्वालामुखी के फटने की प्रक्रिया कई चरणों में होती है:

1️⃣ मैग्मा का ऊपर उठना

  • पृथ्वी के भीतर दबाव के कारण पिघला हुआ मैग्मा ऊपर की ओर उठता है।

  • यह मार्ग बनाता है जिसे हम वोल्कैनिक चैनल (Volcanic Conduit) कहते हैं।

2️⃣ गैस का दबाव बढ़ना

  • मैग्मा में कार्बन डाइऑक्साइड (CO₂), सल्फर डाइऑक्साइड (SO₂) और पानी की भाप होती है।

  • जब यह गैस बाहर निकलने का मार्ग नहीं पाती, तो दबाव बहुत बढ़ जाता है।

3️⃣ विस्फोट (Eruption)

  • दबाव बहुत बढ़ जाता है और सतह फट जाती है।

  • मैग्मा बाहर निकलता है और लावा, राख और गैस का स्तंभ बनता है।

🌋 लावा, राख और गैस

1️⃣ लावा (Lava)

  • जब मैग्मा सतह पर आता है, इसे लावा कहते हैं।

  • लावा गर्म और चिपचिपा होता है।

  • यह धीरे-धीरे बहकर नई जमीन बनाता है।

2️⃣ राख (Ash)

  • विस्फोट के समय छोटी-छोटी चट्टानों और खुरचों का मिश्रण उड़ता है।

  • यह हवा में फैलता है और आसपास के क्षेत्र को ढक देता है।

3️⃣ गैस (Gas)

  • ज्वालामुखी गैसें वातावरण में उत्सर्जित होती हैं।

  • इनमें CO₂, SO₂, और H₂O भाप शामिल होती है।

  • गैसें विस्फोट की तीव्रता को बढ़ाती हैं।

🌍 प्रमुख उदाहरण

1️⃣ माउंट सेंट हेलेन्स, अमेरिका

  • 1980 में विस्फोट हुआ।

  • लावा और राख ने क्षेत्र को ढक दिया।

2️⃣ माउंट फूजी, जापान

  • सक्रिय और प्रसिद्ध ज्वालामुखी

  • पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र

3️⃣ किलाउएआ, हवाई

  • शील्ड वोल्केनो

  • धीरे-धीरे लावा बहता है

🔹 ज्वालामुखी के फटने का विज्ञान

  1. दबाव का सिद्धांत (Pressure Theory)

    • सतह के नीचे गैस और मैग्मा दबाव बनाते हैं।

  2. गैस का संपीड़न (Gas Compression)

    • गैस जब बाहर नहीं निकल पाती, तो विस्फोटक शक्ति बढ़ जाती है।

  3. द्रव्यमान और तापमान (Density and Temperature)

    • गर्म मैग्मा हल्का होकर ऊपर उठता है।

    • ठंडा मैग्मा नीचे रहता है।

🔬 रोचक तथ्य

  1. ज्वालामुखी पृथ्वी के तापमान और दबाव को संतुलित करते हैं।

  2. विस्फोटक ज्वालामुखी नई जमीन और मिट्टी का निर्माण करते हैं।

  3. ज्वालामुखी गैसें वातावरण को प्रभावित करती हैं।

📌 निष्कर्ष

ज्वालामुखी फटना एक भौतिक और रासायनिक प्रक्रिया है।

  • मैग्मा ऊपर उठता है

  • गैस दबाव बनाती है

  • सतह फटती है

  • लावा, राख और गैस बाहर निकलते हैं

यह प्रक्रिया पृथ्वी के अंदर की ऊर्जा और गतिविधि का जीवंत उदाहरण है।

ज्वालामुखी केवल विनाश नहीं बल्कि नई जीवन और भूगोल का निर्माण भी करते हैं।

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