🌕 चंद्र ग्रहण – ब्रह्मांड का अद्भुत खगोलीय रहस्य
प्रस्तावना
आकाश में चमकता चंद्रमा मानव सभ्यता के आरंभ से ही आकर्षण का केंद्र रहा है। कभी वह प्रेम का प्रतीक बना, कभी कविता का विषय, तो कभी रहस्य और भय का कारण। लेकिन जब पूर्णिमा की रात अचानक चंद्रमा का प्रकाश कम होने लगे और वह लाल रंग का दिखाई दे, तो यह दृश्य लोगों को चकित कर देता है। यही घटना चंद्र ग्रहण कहलाती है।
चंद्र ग्रहण न केवल एक खगोलीय घटना है, बल्कि यह विज्ञान, धर्म, इतिहास और संस्कृति – चारों का संगम भी है।
1: चंद्र ग्रहण क्या है?
चंद्र ग्रहण तब होता है जब पृथ्वी, सूर्य और चंद्रमा के बीच आ जाती है और पृथ्वी की छाया चंद्रमा पर पड़ती है।
यह घटना केवल पूर्णिमा के दिन ही संभव है।
सरल उदाहरण
कल्पना कीजिए कि आप एक कमरे में टॉर्च जलाते हैं और बीच में कोई वस्तु रख देते हैं। पीछे दीवार पर उस वस्तु की छाया बनती है।
उसी प्रकार:
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सूर्य = टॉर्च
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पृथ्वी = बीच की वस्तु
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चंद्रमा = दीवार
जब पृथ्वी की छाया चंद्रमा पर पड़ती है, तो चंद्र ग्रहण होता है।
2: चंद्र ग्रहण की वैज्ञानिक प्रक्रिया
1. पृथ्वी की छाया के दो भाग
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उम्ब्रा (Umbra) – गहरी छाया
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पेनुम्ब्रा (Penumbra) – हल्की छाया
यदि चंद्रमा पूरी तरह उम्ब्रा में आ जाए → पूर्ण चंद्र ग्रहण
यदि आंशिक रूप से आए → आंशिक चंद्र ग्रहण
3: चंद्र ग्रहण के प्रकार
1️⃣ पूर्ण चंद्र ग्रहण
जब चंद्रमा पूरी तरह पृथ्वी की गहरी छाया में चला जाता है।
इस दौरान चंद्रमा लाल रंग का दिखाई देता है। इसे "ब्लड मून" भी कहा जाता है।
2️⃣ आंशिक चंद्र ग्रहण
जब चंद्रमा का केवल कुछ हिस्सा छाया में आता है।
3️⃣ उपच्छाया चंद्र ग्रहण
जब चंद्रमा केवल हल्की छाया से गुजरता है।
4: चंद्रमा लाल क्यों दिखता है?
जब सूर्य की रोशनी पृथ्वी के वातावरण से गुजरती है, तो नीली रोशनी बिखर जाती है और लाल रोशनी आगे निकल जाती है।
इसी कारण पूर्ण चंद्र ग्रहण के समय चंद्रमा लाल दिखाई देता है।
यह वही प्रक्रिया है जो सूर्यास्त के समय आकाश को लाल बनाती है।
5: इतिहास में चंद्र ग्रहण
प्राचीन सभ्यताओं ने चंद्र ग्रहण को अलग-अलग तरीकों से समझा।
प्राचीन भारत
भारतीय ग्रंथों में राहु-केतु की कथा मिलती है।
प्राचीन ग्रीस
यूनानी दार्शनिकों ने सबसे पहले यह समझा कि ग्रहण पृथ्वी की छाया से होता है।
चीन
चीन में माना जाता था कि कोई ड्रैगन चंद्रमा को निगल रहा है।
6: वैज्ञानिक खोजें
प्रसिद्ध वैज्ञानिक Galileo Galilei ने दूरबीन के माध्यम से चंद्रमा का अध्ययन किया।
आज NASA और Indian Space Research Organisation ग्रहण की सटीक भविष्यवाणी करते हैं।
7: चंद्र ग्रहण और भारतीय अंतरिक्ष मिशन
भारत ने चंद्रमा पर कई मिशन भेजे:
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Chandrayaan-1
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Chandrayaan-2
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Chandrayaan-3
इन मिशनों ने चंद्रमा की सतह, खनिज और जल की खोज में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
8: धार्मिक और सांस्कृतिक प्रभाव
हिंदू धर्म में ग्रहण के समय:
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मंत्र जाप
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स्नान
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दान
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भोजन से परहेज
कई लोग इसे आध्यात्मिक शुद्धि का समय मानते हैं।
9: चंद्र ग्रहण से जुड़े रोचक तथ्य
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चंद्र ग्रहण को नंगी आंखों से सुरक्षित देखा जा सकता है।
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एक वर्ष में अधिकतम 3 चंद्र ग्रहण हो सकते हैं।
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पृथ्वी की छाया चंद्रमा से लगभग 2.5 गुना बड़ी होती है।
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पूर्ण चंद्र ग्रहण लगभग 1 से 1.5 घंटे तक रह सकता है।
10: क्या चंद्र ग्रहण का जीवन पर प्रभाव पड़ता है?
वैज्ञानिक रूप से कोई हानिकारक प्रभाव सिद्ध नहीं हुआ है।
हालांकि, कुछ लोग इसे ज्योतिषीय दृष्टि से महत्वपूर्ण मानते हैं।
निष्कर्ष
चंद्र ग्रहण प्रकृति का अद्भुत वैज्ञानिक चमत्कार है।
यह हमें ब्रह्मांड की विशालता और सटीकता का एहसास कराता है।
