अगर अचानक से धरती घूमना बंद कर दे तो क्या होगा? ( BY - PRAVEEN PRAJAPATI )

 


धरती अपनी धुरी (Axis) पर लगभग 1670 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से घूम रही है (भूमध्य रेखा पर)। इसी घूमने की वजह से दिन और रात होते हैं। लेकिन सोचिए, अगर अचानक से धरती घूमना बंद कर दे तो क्या होगा? यह घटना इतनी भयानक होगी कि पूरी मानव सभ्यता कुछ ही घंटों या दिनों में समाप्त हो सकती है।

1. सबसे पहला असर – तेज़ हवाएँ और विनाश

धरती की सतह, महासागर, इमारतें, पेड़-पौधे और हम सभी धरती के साथ उसी गति से घूम रहे हैं। अगर धरती अचानक रुक जाए, तो सतह तो रुक जाएगी लेकिन वातावरण (हवा) और महासागर अपनी पुरानी गति से चलते रहेंगे।

इसका मतलब है कि लगभग 1500–1700 किमी/घंटा की रफ्तार से तेज़ हवाएँ चलेंगी। यह गति किसी भी सुपर साइक्लोन से कई गुना ज्यादा होगी।

  • बड़े-बड़े शहर पलभर में तबाह हो जाएंगे।

  • इमारतें उड़ जाएंगी।

  • पेड़ जड़ से उखड़ जाएंगे।

  • गाड़ियाँ, ट्रेनें, हवाई जहाज़ सब नष्ट हो जाएंगे।

मानो पूरी धरती पर एक साथ महाविनाशकारी तूफान आ गया हो।

2. महासागरों में महा-सुनामी

धरती के घूमने से समुद्र का पानी भूमध्य रेखा की ओर थोड़ा उभरा हुआ है। यदि धरती अचानक रुक जाए, तो यह पानी अपनी जड़त्व (Inertia) के कारण आगे बढ़ेगा। इससे कई किलोमीटर ऊँची सुनामी जैसी लहरें उठ सकती हैं।

  • तटीय शहर पूरी तरह डूब जाएंगे।

  • महाद्वीपों के किनारों पर भारी तबाही होगी।

  • लाखों नहीं, अरबों लोगों की जान खतरे में पड़ जाएगी।

समुद्र का संतुलन बिगड़ जाएगा और पृथ्वी की भौगोलिक संरचना भी बदल सकती है।

3. दिन और रात का संतुलन खत्म

अगर धरती हमेशा के लिए घूमना बंद कर दे (लेकिन सूर्य की परिक्रमा करती रहे), तो एक तरफ हमेशा दिन रहेगा और दूसरी तरफ हमेशा रात।

दिन वाली तरफ:

  • लगातार सूर्य की किरणें पड़ती रहेंगी।

  • तापमान 60°C या उससे भी अधिक हो सकता है।

  • नदियाँ और झीलें सूख सकती हैं।

  • खेती असंभव हो जाएगी।

रात वाली तरफ:

  • हमेशा अंधेरा रहेगा।

  • तापमान -100°C तक गिर सकता है।

  • पानी जम जाएगा।

  • जीवन लगभग असंभव हो जाएगा।

केवल बीच का क्षेत्र (जहाँ दिन और रात की सीमा होगी) रहने लायक बच सकता है।

4. पृथ्वी का आकार बदल सकता है

धरती के घूमने से वह थोड़ी चपटी (Oblate) है — भूमध्य रेखा पर थोड़ी फूली हुई और ध्रुवों पर थोड़ी चपटी। यदि धरती घूमना बंद कर दे, तो गुरुत्वाकर्षण उसे गोल आकार में खींचने लगेगा।

इस प्रक्रिया में:

  • भूकंप आ सकते हैं।

  • ज्वालामुखी फट सकते हैं।

  • धरती की परतों में भारी हलचल हो सकती है।

यानि भूगर्भीय आपदाएँ भी शुरू हो सकती हैं।

5. चुंबकीय क्षेत्र पर प्रभाव

धरती का चुंबकीय क्षेत्र (Magnetic Field) उसके कोर (Core) की गतिशीलता से बनता है। यदि घूमना बंद हो जाए, तो संभव है कि लंबे समय में चुंबकीय क्षेत्र कमजोर हो जाए।

चुंबकीय क्षेत्र हमें सूर्य से आने वाली हानिकारक किरणों से बचाता है। यदि यह कमजोर हुआ तो:

  • रेडिएशन बढ़ जाएगा

  • कैंसर जैसी बीमारियाँ बढ़ेंगी

  • इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम नष्ट हो सकते हैं

6. समय की अवधारणा बदल जाएगी

आज हम 24 घंटे का दिन इसलिए मानते हैं क्योंकि धरती 24 घंटे में एक चक्कर पूरा करती है। अगर धरती घूमना बंद कर दे तो:

  • दिन 6 महीने का हो सकता है

  • रात 6 महीने की हो सकती है

मानव जीवन की पूरी दिनचर्या बदल जाएगी। घड़ी और समय की परिभाषा ही बदल जाएगी।

7. जीव-जंतुओं और पौधों पर असर

पौधे सूर्य के प्रकाश पर निर्भर हैं। अगर किसी हिस्से में हमेशा रात रहेगी, तो वहाँ पौधे मर जाएंगे।

जानवरों की जैविक घड़ी (Biological Clock) बिगड़ जाएगी।

  • पक्षी प्रवास नहीं कर पाएंगे

  • फसलें उगना बंद हो जाएंगी

  • खाद्य श्रृंखला टूट जाएगी

अंततः मानव जीवन भी खतरे में पड़ जाएगा।

8. क्या इंसान बच पाएगा?

संभव है कि कुछ वैज्ञानिक और अमीर लोग भूमिगत बंकरों या अंतरिक्ष स्टेशनों में बचने की कोशिश करें। लेकिन पूरी मानव सभ्यता को बचा पाना लगभग असंभव होगा।

शायद:

  • लोग दिन-रात की सीमा वाले क्षेत्र में बसने की कोशिश करें

  • कृत्रिम रोशनी और तापमान नियंत्रण तकनीक का उपयोग करें

  • भूमिगत शहर बनाए जाएँ

लेकिन यह सब बहुत कठिन और सीमित होगा।

💧💦💧💧निष्कर्ष

अगर धरती अचानक घूमना बंद कर दे, तो यह मानव इतिहास की सबसे बड़ी आपदा होगी।

  • तेज़ हवाएँ

  • महा-सुनामी

  • भूकंप

  • ज्वालामुखी

  • अत्यधिक गर्मी और ठंड

इन सबके कारण जीवन लगभग समाप्त हो जाएगा।

हालाँकि, वैज्ञानिकों के अनुसार ऐसा होना लगभग असंभव है, क्योंकि धरती के घूमने को रोकने के लिए अकल्पनीय ऊर्जा की आवश्यकता होगी। इसलिए हमें घबराने की जरूरत नहीं है — यह सिर्फ एक कल्पनात्मक वैज्ञानिक सोच है।

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