यह प्रश्न इतिहास में बहुत चर्चित है कि क्या वास्तव में वास्को-द-गामा ने भारत की खोज की थी? इसका उत्तर सीधा “हाँ” या “नहीं” में नहीं दिया जा सकता, क्योंकि यह इस बात पर निर्भर करता है कि “खोज” से हमारा क्या अर्थ है। आइए इसे विस्तार से समझते हैं।
1. वास्को-द-गामा कौन थे?
वास्को-द-गामा एक पुर्तगाली नाविक और खोजकर्ता थे। उनका जन्म लगभग 1460 में पुर्तगाल में हुआ था। उस समय यूरोप के देशों में समुद्री मार्गों की खोज का दौर चल रहा था। यूरोपीय देश एशिया, विशेषकर भारत, के मसालों और व्यापारिक वस्तुओं तक सीधे पहुँचना चाहते थे।
2. भारत पहले से ही समृद्ध और प्रसिद्ध था
जब वास्को-द-गामा 1498 में भारत पहुँचे, तब भारत कोई अनजान देश नहीं था।
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भारत में प्राचीन सभ्यता, विकसित शहर, संगठित राज्य और समृद्ध व्यापार व्यवस्था पहले से मौजूद थी।
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अरब, फारसी, चीनी और अफ्रीकी व्यापारी सदियों से भारत के साथ व्यापार कर रहे थे।
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भारतीय मसाले, रेशम, कपास और अन्य वस्तुएँ विश्वभर में प्रसिद्ध थीं।
इसलिए यह कहना कि उन्होंने “भारत की खोज” की, पूरी तरह सही नहीं है, क्योंकि भारत पहले से ही एक विकसित और ज्ञात देश था।
3. समुद्री मार्ग की खोज
वास्को-द-गामा का सबसे बड़ा योगदान यह था कि उन्होंने यूरोप से भारत तक सीधे समुद्री मार्ग की खोज की।
उन्होंने 1497 में पुर्तगाल से यात्रा शुरू की। वे अफ्रीका के दक्षिणी छोर “केप ऑफ गुड होप” (आशा अंतरीप) को पार करते हुए 1498 में भारत के पश्चिमी तट पर स्थित कालीकट (वर्तमान कोझिकोड, केरल) पहुँचे।
इस तरह उन्होंने यूरोप से भारत तक एक नया समुद्री रास्ता स्थापित किया, जिससे यूरोपीय देशों को अरब व्यापारियों पर निर्भर नहीं रहना पड़ा।
4. क्या इसे भारत की खोज कहा जा सकता है?
यूरोपीय इतिहास में अक्सर लिखा जाता है कि वास्को-द-गामा ने भारत की खोज की। लेकिन भारतीय दृष्टिकोण से यह कथन सही नहीं माना जाता, क्योंकि:
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भारत पहले से आबाद और प्रसिद्ध था।
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भारत का अपना इतिहास, संस्कृति और व्यापार था।
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कई विदेशी यात्री उनसे पहले भारत आ चुके थे, जैसे कि मार्को पोलो (स्थलीय मार्ग से)।
इसलिए अधिक सही कथन यह होगा कि वास्को-द-गामा ने भारत के लिए समुद्री मार्ग की खोज की, न कि भारत देश की।
5. उनके आगमन का प्रभाव
वास्को-द-गामा के भारत आने के बाद कई महत्वपूर्ण परिवर्तन हुए:
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पुर्तगाल ने भारत में व्यापारिक ठिकाने स्थापित किए।
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आगे चलकर यूरोपीय शक्तियों (पुर्तगाली, डच, फ्रांसीसी, अंग्रेज) ने भारत में उपनिवेश स्थापित किए।
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इससे भारत में लगभग 450 वर्षों तक यूरोपीय प्रभाव और बाद में अंग्रेजी शासन रहा।
इस प्रकार, उनका आगमन भारतीय इतिहास में एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हुआ।
6. निष्कर्ष
सच यह है कि वास्को-द-गामा ने भारत की खोज नहीं की थी, क्योंकि भारत पहले से ही एक समृद्ध और प्रसिद्ध देश था।
लेकिन उन्होंने यूरोप से भारत तक समुद्री मार्ग की खोज की, जो विश्व इतिहास में एक महत्वपूर्ण घटना थी।
इसलिए सही कथन होगा:
“वास्को-द-गामा ने भारत के लिए समुद्री मार्ग की खोज की, न कि भारत देश की।”