🌧️ लेख: बारिश किस चीज़ से होती है ( BY - PRAVEEN PRAJAPATI )

परिचय

बारिश एक प्राकृतिक प्रक्रिया है जो पृथ्वी पर जीवन के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। यह जल चक्र का हिस्सा है और पौधों, जानवरों और मनुष्यों के जीवन के लिए पानी उपलब्ध कराती है। बारिश का होना मौसम के संतुलन और कृषि के लिए भी आवश्यक है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि बारिश क्यों और कैसे होती है? आइए इसे विस्तार से समझते हैं।

1. जल चक्र (Water Cycle)

बारिश का मुख्य कारण जल चक्र है। जल चक्र एक प्राकृतिक प्रक्रिया है जिसमें पानी लगातार पृथ्वी पर और वातावरण में घूमता रहता है। यह प्रक्रिया मुख्य रूप से चार चरणों में होती है:

  1. वाष्पीकरण (Evaporation): सूरज की गर्मी से पानी (सागर, नदी, तालाब, जमीन आदि) वाष्प में बदल जाता है।

  2. संघनन (Condensation): वाष्पित पानी ऊपर उठकर ठंडी हवा में आता है और छोटे-बड़े पानी की बूंदों में बदल जाता है। यह प्रक्रिया बादलों के बनने के लिए जरूरी है।

  3. संचयन (Precipitation): जब बादलों में पानी की बूंदें भारी हो जाती हैं, तो वे जमीन पर बारिश के रूप में गिरती हैं।

  4. संग्रह और वापसी (Collection & Runoff): बारिश का पानी नदियों, झीलों और भूमिगत जल में वापस आता है और फिर से वाष्पीकरण के लिए तैयार होता है।

2. बारिश के प्रकार

बारिश अलग-अलग कारणों से होती है। मुख्य प्रकार हैं:

  1. संध्याकालीन या उष्णकटिबंधीय बारिश (Convectional Rain): गर्मी के कारण हवा ऊपर उठती है और ठंडी होकर वर्षा में बदल जाती है।

  2. पर्वतीय या ऑरोग्राफिक बारिश (Orographic Rain): जब नमी वाली हवा पहाड़ों से टकराती है तो वह ठंडी होकर वर्षा करती है।

  3. मौसमी या चक्रवातीय बारिश (Cyclonic/Frontal Rain): यह बारिश तब होती है जब गर्म और ठंडी हवा टकराती हैं, जिससे वर्षा होती है।

3. बारिश के लिए आवश्यक तत्व

बारिश के लिए कुछ महत्वपूर्ण चीज़ें जरूरी हैं:

  • पानी: बारिश तब होती है जब वातावरण में पर्याप्त नमी मौजूद होती है।

  • हवा: हवा पानी की बूंदों को ऊपर उठाकर उन्हें ठंडी करती है।

  • तापमान का अंतर: गर्म और ठंडी हवा के टकराने से संघनन बढ़ता है।

  • बादल: बिना बादल के बारिश संभव नहीं है।

4. बारिश और जीवन

बारिश सिर्फ पानी गिराना नहीं है, बल्कि यह जीवन के हर पहलू को प्रभावित करती है:

  • कृषि: फसलों की सिंचाई करती है।

  • पेयजल: नदी और तालाबों में पानी भरती है।

  • प्राकृतिक आवास: वन्य जीवन और पौधों के लिए जरूरी।

  • जलवायु संतुलन: गर्मी और ठंडक का संतुलन बनाए रखती है।

5. बारिश की वैज्ञानिक व्याख्या

वैज्ञानिक दृष्टिकोण से, बारिश तब होती है जब वातावरण में उपस्थित जल वाष्प ठंडी होकर छोटी बूंदों में बदल जाता है। ये बूंदें बादलों में जमा होती हैं और जब ये बूंदें भारी हो जाती हैं तो गुरुत्वाकर्षण के कारण गिरती हैं।
कुछ विशेष परिस्थितियों में, बारिश मानव गतिविधियों जैसे बादलों को कृत्रिम रूप से बूँदों में बदलने की प्रक्रिया (Cloud Seeding) से भी कराई जा सकती है।

6. बारिश और मौसम

बारिश मौसम के बदलने का संकेत भी देती है। उदाहरण के लिए:

  • मॉनसून की बारिश से किसानों की फसल उगती है।

  • लगातार बारिश बाढ़ ला सकती है।

  • कम बारिश सूखे का कारण बनती है।

7. रोचक तथ्य

  1. धरती पर हर साल औसतन लगभग 505,000 किलोमीटर³ पानी बारिश के रूप में गिरता है।

  2. दुनिया का सबसे अधिक वर्षा वाला स्थान मेघालय का चेरापूंजी है।

  3. बारिश का पानी सबसे स्वच्छ माना जाता है, क्योंकि यह वायुमंडल में फिल्टर होकर आता है।

निष्कर्ष

बारिश प्राकृतिक प्रक्रिया का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। यह न केवल जीवन के लिए पानी प्रदान करती है, बल्कि कृषि, जलवायु और पारिस्थितिकी में संतुलन बनाए रखती है। जल चक्र और बारिश के महत्व को समझकर हम इसे संरक्षित करने की कोशिश कर सकते हैं।

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