बिजली चमकने पर आवाज़ क्यों आती है? ( BY - PRAVEEN PRAJAPATI )

 

परिचय

बिजली एक प्राकृतिक बिजली घटना है, जो अक्सर बारिश या तूफ़ान के दौरान देखने को मिलती है। बिजली चमकना और उसके साथ गड़गड़ाहट की आवाज़ होना प्राकृतिक घटनाओं का हिस्सा है। यह प्रकृति का अद्भुत दृश्य है, लेकिन इसे केवल देखने और समझने का विज्ञान भी है।

जब हम आकाश में बिजली की चमक देखते हैं, तो उसके तुरंत बाद गड़गड़ाहट सुनाई देती है। यह क्रम ऐसा होता है कि पहले हम चमक देखते हैं और फिर ध्वनि सुनते हैं। बहुत से लोग इस घटना को अंधविश्वास या किसी रहस्य से जोड़ देते हैं, लेकिन इसका वैज्ञानिक कारण है।

बिजली का जन्म

बिजली का निर्माण बादलों में होने वाले विद्युत आवेश के कारण होता है। बादल के अन्दर हवा और पानी के कण एक-दूसरे से टकराते हैं। इस प्रक्रिया से बादल में धनात्मक (+) और ऋणात्मक (-) चार्ज जमा हो जाते हैं। जब ये चार्ज इतने अधिक हो जाते हैं कि हवा में मौजूद अणु इसे रोक नहीं पाते, तो अचानक एक विद्युत स्राव यानी बिजली पैदा होती है।

बिजली की यह तेज़ रेखा आकाश में एक छोटे मार्ग से पृथ्वी तक पहुँचती है। यह बिजली बहुत तेज़ होती है और इसकी गति लगभग 3 लाख किलोमीटर प्रति सेकंड के आसपास होती है।

चमक और आवाज़ का विज्ञान

जब बिजली उत्पन्न होती है, तो वह अपने मार्ग के आसपास की हवा को अत्यधिक गर्म कर देती है। यह तापमान लगभग 30,000 डिग्री सेल्सियस तक पहुँच सकता है। इस अत्यधिक गर्म हवा के कारण, हवा तुरंत फैलती है और एक ध्वनि तरंग उत्पन्न होती है। इसे हम गड़गड़ाहट के रूप में सुनते हैं।

गौर करने वाली बात यह है कि हवा के फैलने और ध्वनि के उत्पन्न होने में समय लगता है। यही कारण है कि पहले हम बिजली की चमक देखते हैं और थोड़ी देर बाद आवाज़ सुनते हैं। यदि हम इसका औसत दूरी और गति से गणना करें:

  • प्रकाश की गति लगभग 3 लाख किलोमीटर प्रति सेकंड होती है।

  • ध्वनि की गति लगभग 343 मीटर प्रति सेकंड होती है।

इससे यह स्पष्ट होता है कि हम चमक तुरंत देखते हैं, लेकिन आवाज़ ध्वनि की गति से आने के कारण देर से सुनाई देती है।

बिजली और गड़गड़ाहट की विशेषताएँ

  1. गड़गड़ाहट की लम्बाई:
    गड़गड़ाहट की आवाज़ कई सेकंड तक सुनाई देती है। यह आवाज़ कभी एक बार, कभी लगातार कई बार सुनाई देती है। इसका कारण यह है कि बिजली का मार्ग असमान होता है और हवा के अलग-अलग हिस्सों में तेजी से फैलता है।

  2. गड़गड़ाहट की तीव्रता:
    बिजली जितनी ज्यादा तीव्र होती है, उसकी गड़गड़ाहट भी उतनी ही जोरदार होती है। कभी-कभी यह इतनी जोर से होती है कि घर की खिड़कियाँ हिल सकती हैं।

  3. दूरी का अनुमान:
    हम गड़गड़ाहट और चमक के समय का अंतर देखकर यह अनुमान लगा सकते हैं कि बिजली कितनी दूर गिरी। यदि चमक और गड़गड़ाहट के बीच 3 सेकंड का अंतर है, तो बिजली लगभग 1 किलोमीटर दूर गिर चुकी है।

बिजली और इंसान

बिजली चमकने और गड़गड़ाहट आने की प्रक्रिया इंसानों के लिए खतरनाक भी हो सकती है। इसलिए वैज्ञानिक और मौसम विज्ञानी कई सावधानियाँ सुझाते हैं:

  1. खुले मैदान में न रहें: बिजली सीधे मनुष्य या पेड़ पर गिर सकती है।

  2. धातु के पास न जाएँ: बिजली धातु से होकर आसानी से बहती है।

  3. सुरक्षित जगह पर रहें: बारिश के दौरान घर या वाहन में सुरक्षित रहना चाहिए।

वैज्ञानिक व्याख्या

बिजली और गड़गड़ाहट का अध्ययन मौसम विज्ञान और भौतिक विज्ञान में किया जाता है। वैज्ञानिक इसे थंडरस्टॉर्म (Thunderstorm) कहते हैं। थंडरस्टॉर्म के दौरान:

  • बादल में भारी मात्रा में पानी जमा होता है।

  • चार्ज के टकराने से बिजली का निर्माण होता है।

  • हवा का असाधारण गर्म होना ध्वनि तरंग उत्पन्न करता है।

इस पूरी प्रक्रिया को थंडर और लाइटनिंग साइंस कहा जाता है।

रोचक तथ्य

  1. पृथ्वी पर हर साल लगभग 16 मिलियन बिजली गिरती है।

  2. बिजली की चमक के दौरान तापमान सूरज की सतह से भी अधिक हो सकता है।

  3. बिजली की गति इतनी तेज़ होती है कि यह एक सेकंड में पृथ्वी को 7.5 बार घुम सकती है।

  4. गड़गड़ाहट की आवाज़ की तीव्रता सुनने वाले के पास कितनी दूर है, इसका अंदाज लगाती है।

निष्कर्ष

बिजली चमकने पर आवाज़ आने का मुख्य कारण हवा का अचानक फैलना और उससे उत्पन्न ध्वनि तरंगें हैं। यह घटना प्राकृतिक विज्ञान का एक अद्भुत उदाहरण है, जो हमें प्रकृति की शक्ति और अद्भुतताओं का एहसास कराती है। इस विज्ञान को समझने से हम अंधविश्वास और डर से बच सकते हैं, और सुरक्षित तरीके से बारिश और तूफ़ान का आनंद ले सकते हैं।

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