सम्राट अशोक के युद्ध – शुरुआत से पतन तक पूरा इतिहास ( By :- Raj gupta )

 


सम्राट अशोक प्राचीन भारत के महानतम शासकों में से एक थे। उनका जीवन दो भागों में बँटा हुआ दिखाई देता है —

  1. युद्ध और विस्तार का काल

  2. शांति और धर्म का काल

आइए उनके युद्धों को शुरुआत से अंत तक क्रमबद्ध तरीके से समझते हैं।

1️⃣ ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

अशोक मौर्य वंश के राजकुमार थे। इस वंश की स्थापना उनके दादा
चंद्रगुप्त मौर्य ने की थी, जिन्हें मार्गदर्शन मिला था
चाणक्य से।

उनके पिता थे —
बिंदुसार

राजधानी थी —
पाटलिपुत्र (वर्तमान पटना)

2️⃣ युवराज अशोक के प्रारंभिक युद्ध

⚔️ (1) तक्षशिला का विद्रोह

स्थान: तक्षशिला

बिंदुसार के समय तक्षशिला में प्रशासन के विरुद्ध विद्रोह हुआ।
अशोक को वहाँ सेना के साथ भेजा गया।

✔️ उन्होंने विद्रोह को शांत किया
✔️ अपने नेतृत्व और कठोर निर्णयों से नियंत्रण स्थापित किया

👉 यह उनका पहला प्रमुख सैन्य अभियान माना जाता है।

⚔️ (2) उज्जैन अभियान

स्थान: उज्जैन

उज्जैन एक महत्वपूर्ण व्यापारिक केंद्र था।
अशोक को यहाँ राज्यपाल बनाया गया।

कुछ स्रोतों के अनुसार यहाँ भी विद्रोह हुआ जिसे उन्होंने दबाया।

👉 यह दूसरा महत्वपूर्ण सैन्य अनुभव था।

3️⃣ सिंहासन के लिए संघर्ष (गृहयुद्ध)

273 ईसा पूर्व में बिंदुसार की मृत्यु के बाद राजगद्दी के लिए संघर्ष हुआ।

अशोक के कई भाई थे।
सत्ता प्राप्त करने के लिए आंतरिक युद्ध हुआ।

✔️ अशोक ने विरोधियों को पराजित किया
✔️ लगभग 269 ईसा पूर्व उनका राज्याभिषेक हुआ

👉 इसे तीसरा प्रमुख संघर्ष माना जाता है।

4️⃣ साम्राज्य विस्तार और सैन्य नीति

सिंहासन प्राप्ति के बाद अशोक ने साम्राज्य को मजबूत किया।
उस समय अधिकांश भारत मौर्य शासन में था।

लेकिन एक शक्तिशाली स्वतंत्र राज्य था — कलिंग

5️⃣ ⚔️ (4) कलिंग युद्ध — जीवन का निर्णायक युद्ध

वर्ष: 261 ईसा पूर्व
स्थान: वर्तमान ओडिशा

युद्ध के कारण

  • सामरिक महत्व

  • समुद्री व्यापार

  • साम्राज्य की पूर्ण एकता

युद्ध का परिणाम

अशोक के शिलालेख (विशेषकर 13वाँ शिलालेख) के अनुसार:

  • 1,00,000 लोग मारे गए

  • 1,50,000 बंदी बनाए गए

  • असंख्य घायल

यह अत्यंत भीषण और रक्तरंजित युद्ध था।

6️⃣ कलिंग के बाद परिवर्तन

युद्धभूमि में विनाश देखकर अशोक का हृदय बदल गया।

✔️ उन्होंने हिंसा त्याग दी
✔️ बौद्ध धर्म अपनाया
✔️ “धर्म विजय” को प्राथमिकता दी

इसके बाद उन्होंने कोई बड़ा युद्ध नहीं लड़ा।

7️⃣ कुल कितने युद्ध लड़े?

इतिहास में सटीक संख्या उपलब्ध नहीं है, लेकिन प्रमुख युद्ध/संघर्ष:

  1. तक्षशिला विद्रोह

  2. उज्जैन अभियान

  3. सिंहासन संघर्ष

  4. कलिंग युद्ध

👉 अनुमानित प्रमुख सैन्य अभियान: 4 से 6

कलिंग युद्ध उनका अंतिम बड़ा युद्ध था।

8️⃣ अशोक के बाद पतन

मृत्यु: लगभग 232 ईसा पूर्व

उनकी मृत्यु के बाद:

  • उत्तराधिकारी कमजोर रहे

  • विशाल साम्राज्य को संभालना कठिन हुआ

  • प्रांतों में विद्रोह

  • आर्थिक समस्याएँ

लगभग 50 वर्षों में मौर्य साम्राज्य पतन की ओर बढ़ गया।

🏁 निष्कर्ष

सम्राट अशोक ने:

✔️ जीवन की शुरुआत एक योद्धा के रूप में की
✔️ कई सैन्य अभियान चलाए
✔️ कलिंग युद्ध के बाद जीवन बदल लिया
✔️ शांति और करुणा को अपनाया

वे इतिहास में इसलिए महान हैं क्योंकि उन्होंने विजय से अधिक मानवता को महत्व दिया।

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