भारत के सैन्य बल (Indian Armed Forces){By Aparna Gupta}

 

1. ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

भारत की सैन्य परंपरा अत्यंत प्राचीन है। वैदिक काल से लेकर मौर्य, गुप्त, चोल और मुगल साम्राज्य तक, भारत में संगठित सेनाओं का विकास होता रहा। प्राचीन भारत में रथ, हाथी, घुड़सवार और पैदल सेना का उपयोग होता था। चाणक्य के अर्थशास्त्र में सेना के संगठन और रणनीति का विस्तृत वर्णन मिलता है।

ब्रिटिश शासन के दौरान आधुनिक भारतीय सेना की नींव रखी गई। 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के बाद ब्रिटिशों ने भारतीय सेना का पुनर्गठन किया। प्रथम और द्वितीय विश्व युद्ध में भारतीय सैनिकों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

1947 में स्वतंत्रता के बाद भारतीय सैन्य बलों का पुनर्गठन हुआ। विभाजन के समय सेना का बंटवारा भारत और पाकिस्तान के बीच हुआ। इसके बाद भारत ने अपने सैन्य ढांचे को सुदृढ़ किया और आधुनिक उपकरणों से लैस किया।



2. भारतीय थल सेना (Indian Army)

परिचय

भारतीय थल सेना विश्व की सबसे बड़ी स्थायी सेनाओं में से एक है। इसका मुख्य कार्य भूमि आधारित खतरों से देश की रक्षा करना है। इसका मुख्यालय नई दिल्ली में स्थित है।

संगठन

भारतीय थल सेना विभिन्न कमानों में विभाजित है:

  • उत्तरी कमान

  • पश्चिमी कमान

  • पूर्वी कमान

  • दक्षिणी कमान

  • मध्य कमान

  • दक्षिण-पश्चिमी कमान

  • प्रशिक्षण कमान

संरचना

थल सेना में कोर, डिवीजन, ब्रिगेड, बटालियन और कंपनी जैसे स्तर होते हैं। इसमें विभिन्न रेजिमेंट्स हैं जैसे:

  • राजपूताना राइफल्स

  • सिख रेजिमेंट

  • गोरखा राइफल्स

  • जाट रेजिमेंट

  • डोगरा रेजिमेंट आदि

विशेष बल

  • पैराशूट रेजिमेंट (Para SF)

  • राष्ट्रीय राइफल्स (Jammu & Kashmir में तैनात)

  • आर्मी एविएशन कोर

प्रमुख हथियार और उपकरण

  • टैंक: T-90 भीष्म, अर्जुन MBT

  • तोपें: बोफोर्स, धनुष, K-9 वज्र

  • मिसाइलें: ब्रह्मोस, नाग

  • राइफलें: INSAS, AK-203

भूमिका

  • सीमाओं की सुरक्षा

  • आतंकवाद विरोधी अभियान

  • प्राकृतिक आपदाओं में राहत कार्य

  • संयुक्त राष्ट्र शांति मिशन



3. भारतीय नौसेना (Indian Navy)

परिचय

भारतीय नौसेना समुद्री सीमाओं की रक्षा करती है और हिंद महासागर क्षेत्र में भारत के हितों की सुरक्षा करती है। इसका मुख्यालय नई दिल्ली में है।

कमान

  • पश्चिमी नौसेना कमान (मुंबई)

  • पूर्वी नौसेना कमान (विशाखापट्टनम)

  • दक्षिणी नौसेना कमान (कोच्चि)

प्रमुख जहाज और पनडुब्बियाँ

  • विमानवाहक पोत: INS विक्रमादित्य, INS विक्रांत

  • विध्वंसक: कोलकाता क्लास

  • फ्रिगेट: शिवालिक क्लास

  • पनडुब्बियाँ: स्कॉर्पीन क्लास (कलवरी क्लास), अरिहंत क्लास (परमाणु)

नौसैनिक उड्डयन

  • मिग-29K

  • P-8I Poseidon

  • हेलीकॉप्टर: MH-60R

भूमिका

  • समुद्री सुरक्षा

  • समुद्री डकैती विरोधी अभियान

  • आपदा राहत

  • अंतरराष्ट्रीय नौसैनिक अभ्यास (मालाबार आदि)

4. भारतीय वायु सेना (Indian Air Force)

परिचय

भारतीय वायु सेना की स्थापना 8 अक्टूबर 1932 को हुई। इसका मुख्य कार्य हवाई सुरक्षा और युद्ध में वायु समर्थन प्रदान करना है।

कमान

  • पश्चिमी वायु कमान

  • पूर्वी वायु कमान

  • दक्षिणी वायु कमान

  • मध्य वायु कमान

  • दक्षिण-पश्चिमी वायु कमान

  • प्रशिक्षण कमान

  • रखरखाव कमान

प्रमुख विमान

  • लड़ाकू विमान: राफेल, सुखोई-30 MKI, मिग-29, तेजस

  • परिवहन विमान: C-17 ग्लोबमास्टर, C-130J

  • हेलीकॉप्टर: अपाचे, चिनूक

  • ड्रोन: हेरॉन

भूमिका

  • वायु रक्षा

  • जमीनी बलों को समर्थन

  • रणनीतिक बमबारी

  • मानवीय सहायता

5. एकीकृत कमान और विशेष संरचनाएँ

चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS)

2019 में भारत ने चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ का पद सृजित किया ताकि तीनों सेनाओं में बेहतर समन्वय हो सके।

एकीकृत रक्षा स्टाफ

तीनों सेनाओं के बीच समन्वय और संयुक्त अभियानों की योजना बनाता है।

सामरिक बल कमान (Strategic Forces Command)

परमाणु हथियारों की देखरेख और संचालन।

अंडमान एवं निकोबार कमान

भारत की पहली त्रि-सेवा कमान।

6. अर्धसैनिक बल

हालाँकि ये सीधे रक्षा मंत्रालय के अधीन नहीं हैं, लेकिन राष्ट्रीय सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं:

  • सीमा सुरक्षा बल (BSF)

  • केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF)

  • इंडो-तिब्बतन बॉर्डर पुलिस (ITBP)

  • असम राइफल्स

  • CISF

7. परमाणु शक्ति और रक्षा नीति

भारत "पहले उपयोग नहीं" (No First Use) की नीति का पालन करता है। भारत के पास त्रिस्तरीय परमाणु क्षमता है:

  • भूमि आधारित मिसाइलें (अग्नि श्रृंखला)

  • समुद्र आधारित (INS अरिहंत)

  • वायु आधारित (लड़ाकू विमान)

8. रक्षा उत्पादन और आधुनिकीकरण

भारत आत्मनिर्भरता की दिशा में कार्य कर रहा है:

  • DRDO

  • HAL

  • BEL

  • Make in India और आत्मनिर्भर भारत अभियान

9. संयुक्त राष्ट्र शांति मिशन

भारत संयुक्त राष्ट्र शांति मिशनों में सबसे बड़े योगदानकर्ताओं में से एक है। भारतीय सैनिक अफ्रीका और अन्य क्षेत्रों में शांति स्थापना में लगे हैं।

10. चुनौतियाँ और भविष्य

  • सीमा विवाद (चीन, पाकिस्तान)

  • साइबर युद्ध

  • ड्रोन और AI आधारित युद्ध

  • रक्षा बजट प्रबंधन

भारत लगातार अपनी सैन्य शक्ति को आधुनिक बना रहा है। नई तकनीक, स्वदेशी उत्पादन और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के माध्यम से भारत अपनी रक्षा क्षमता को मजबूत कर रहा है।

निष्कर्ष

भारत के सैन्य बल देश की सुरक्षा का मजबूत स्तंभ हैं। वे केवल युद्ध लड़ने के लिए नहीं, बल्कि शांति, स्थिरता और मानवीय सहायता के लिए भी समर्पित हैं। आधुनिक तकनीक, अनुशासन, प्रशिक्षण और देशभक्ति के बल पर भारतीय सैन्य बल विश्व में सम्मानित स्थान रखते हैं।

भारत की सेना “सेवा परमो धर्म:” के आदर्श वाक्य पर चलती है, जिसका अर्थ है — सेवा ही सर्वोच्च धर्म है। यही भावना भारतीय सैनिकों को हर परिस्थिति में देश की रक्षा के लिए प्रेरित करती है।

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