Industrial Training Institute (ITI) के बारे में विस्तृत जानकारी(Shivam Gupta)

 


भारत में तकनीकी और व्यावसायिक शिक्षा को मजबूत बनाने में ITI (Industrial Training Institute) की बहुत महत्वपूर्ण भूमिका है। यह ऐसे विद्यार्थियों के लिए एक बेहतरीन विकल्प है जो 10वीं या 12वीं के बाद जल्दी रोजगार पाना चाहते हैं और किसी विशेष तकनीकी क्षेत्र में कौशल (Skill) सीखना चाहते हैं।

आज के समय में केवल डिग्री ही नहीं, बल्कि स्किल (कौशल) भी बहुत जरूरी है। ITI विद्यार्थियों को व्यावहारिक प्रशिक्षण देकर उन्हें उद्योगों में काम करने के योग्य बनाता है।

ITI क्या है?

ITI का पूरा नाम Industrial Training Institute है। यह एक सरकारी या निजी संस्थान होता है जहाँ विद्यार्थियों को तकनीकी और व्यावसायिक प्रशिक्षण दिया जाता है।

इन संस्थानों में छात्रों को मशीनों, उपकरणों और आधुनिक तकनीक के साथ काम करना सिखाया जाता है ताकि वे सीधे नौकरी करने के लिए तैयार हो सकें।

भारत में ITI संस्थान कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय (Ministry of Skill Development and Entrepreneurship) के अंतर्गत कार्य करते हैं।

ITI का उद्देश्य

ITI का मुख्य उद्देश्य है –

  • युवाओं को रोजगार के लिए तैयार करना

  • तकनीकी कौशल विकसित करना

  • उद्योगों के लिए प्रशिक्षित कार्यबल तैयार करना

  • स्वरोजगार के अवसर बढ़ाना

सरकार का लक्ष्य है कि अधिक से अधिक युवा स्किल आधारित शिक्षा प्राप्त करें और बेरोजगारी कम हो।

ITI में प्रवेश प्रक्रिया

ITI में प्रवेश के लिए आमतौर पर 10वीं या 12वीं पास होना आवश्यक होता है। कुछ ट्रेड में 8वीं पास भी पात्र होते हैं।

प्रवेश राज्य स्तर पर मेरिट या प्रवेश परीक्षा के आधार पर होता है। कई राज्यों में ऑनलाइन काउंसलिंग प्रक्रिया के माध्यम से सीट आवंटन किया जाता है।

ITI के प्रमुख ट्रेड

ITI में कई प्रकार के ट्रेड (कोर्स) उपलब्ध होते हैं। ये दो प्रकार के होते हैं –

1. इंजीनियरिंग ट्रेड

  • इलेक्ट्रीशियन

  • फिटर

  • टर्नर

  • वेल्डर

  • मोटर मैकेनिक

  • डीजल मैकेनिक

  • ड्राफ्ट्समैन

  • प्लंबर

2. नॉन-इंजीनियरिंग ट्रेड

  • स्टेनोग्राफर

  • कंप्यूटर ऑपरेटर

  • फैशन डिजाइनिंग

  • कोपा (COPA)

  • सिलाई टेक्नोलॉजी

  • हेयर एंड स्किन केयर

इन ट्रेड की अवधि 6 महीने से लेकर 2 साल तक हो सकती है।

ITI की पढ़ाई का तरीका

ITI में पढ़ाई का मुख्य फोकस प्रैक्टिकल (व्यावहारिक) प्रशिक्षण पर होता है।

  • 70% प्रैक्टिकल

  • 30% थ्योरी

छात्रों को मशीनों और उपकरणों पर सीधे काम करना सिखाया जाता है। इससे वे इंडस्ट्री में तुरंत काम करने योग्य बन जाते हैं।

ITI के बाद करियर विकल्प

ITI करने के बाद विद्यार्थियों के पास कई विकल्प होते हैं –

  1. सरकारी नौकरी
    रेलवे, बिजली विभाग, रक्षा क्षेत्र आदि में ITI पास उम्मीदवारों की मांग रहती है।

  2. निजी क्षेत्र
    कई बड़ी कंपनियाँ ITI पास छात्रों को तकनीशियन, मैकेनिक और ऑपरेटर के रूप में नियुक्त करती हैं।

  3. अप्रेंटिसशिप
    कंपनियों में प्रशिक्षण लेकर अनुभव प्राप्त किया जा सकता है।

  4. स्वरोजगार
    इलेक्ट्रीशियन, प्लंबर, मैकेनिक आदि अपने खुद का काम शुरू कर सकते हैं।

ITI और पॉलिटेक्निक में अंतर

ITI और पॉलिटेक्निक दोनों तकनीकी शिक्षा देते हैं, लेकिन उनमें अंतर है –

  • ITI कौशल आधारित अल्पकालिक कोर्स है

  • पॉलिटेक्निक 3 साल का डिप्लोमा कोर्स है

  • ITI में ज्यादा प्रैक्टिकल प्रशिक्षण होता है

  • पॉलिटेक्निक में थ्योरी और इंजीनियरिंग विषय अधिक होते हैं

ITI के लाभ

  1. कम समय में कोर्स पूरा

  2. कम फीस

  3. जल्दी नौकरी के अवसर

  4. स्वरोजगार की संभावना

  5. तकनीकी कौशल में महारत

ITI की चुनौतियाँ

  • कुछ जगहों पर उपकरणों की कमी

  • निजी संस्थानों की गुणवत्ता में अंतर

  • जागरूकता की कमी

लेकिन सरकार लगातार ITI संस्थानों को आधुनिक बनाने का प्रयास कर रही है।

सरकार की पहल

भारत सरकार ने “Skill India” अभियान के तहत ITI को मजबूत किया है।

प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (PMKVY) के माध्यम से युवाओं को प्रशिक्षण और प्रमाणपत्र दिए जा रहे हैं।

नई तकनीकों जैसे रोबोटिक्स, ऑटोमेशन और कंप्यूटराइज्ड मशीनिंग को भी ITI पाठ्यक्रम में शामिल किया जा रहा है।

आज के समय में ITI का महत्व

आज उद्योगों को ऐसे कर्मचारियों की जरूरत है जो मशीनों और तकनीक को समझते हों। ITI इस जरूरत को पूरा करता है।

डिग्री के साथ-साथ स्किल भी जरूरी है। इसलिए ITI उन छात्रों के लिए एक सुनहरा अवसर है जो कम समय में आत्मनिर्भर बनना चाहते हैं।

निष्कर्ष

Industrial Training Institute (ITI) भारत के युवाओं को तकनीकी और व्यावसायिक शिक्षा प्रदान करने वाला एक महत्वपूर्ण संस्थान है। यह न केवल रोजगार के अवसर बढ़ाता है, बल्कि आत्मनिर्भरता की दिशा में भी मार्ग प्रशस्त करता है।

यदि कोई छात्र पढ़ाई के साथ-साथ व्यावहारिक कौशल सीखना चाहता है और जल्दी नौकरी या व्यवसाय शुरू करना चाहता है, तो ITI एक बेहतरीन विकल्प है।

Previous Post Next Post