(Indian Space Research Organisation में करियर बनाने की सम्पूर्ण जानकारी)
Indian Space Research Organisation (ISRO) भारत की राष्ट्रीय अंतरिक्ष एजेंसी है, जिसने देश को अंतरिक्ष तकनीक, उपग्रह प्रक्षेपण, चंद्र और मंगल मिशनों में विश्व स्तर पर पहचान दिलाई है। यदि आपका सपना है कि आप अंतरिक्ष विज्ञान, रॉकेट, सैटेलाइट या स्पेस रिसर्च में काम करें, तो ISRO में वैज्ञानिक बनना एक शानदार करियर विकल्प है।
इस विस्तृत गाइड में हम जानेंगे –
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ISRO क्या है?
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वैज्ञानिक बनने की योग्यता
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कौन-कौन से पद होते हैं?
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परीक्षा और चयन प्रक्रिया
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सिलेबस और तैयारी रणनीति
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सैलरी और सुविधाएँ
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11वीं से ही कैसे तैयारी शुरू करें?
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इंटरव्यू और स्किल्स गाइड
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सफल उम्मीदवारों के टिप्स
1️⃣ ISRO क्या है?
ISRO भारत सरकार की अंतरिक्ष एजेंसी है, जो 1969 में स्थापित हुई थी। इसका मुख्यालय बेंगलुरु में है।
ISRO के प्रमुख मिशन:
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सैटेलाइट लॉन्च करना
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चंद्र मिशन
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मंगल मिशन
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मौसम पूर्वानुमान सैटेलाइट
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संचार और नेविगेशन सिस्टम
ISRO का उद्देश्य है – “Space technology for national development.”
2️⃣ ISRO में वैज्ञानिक बनने के लिए योग्यता
🎓 शैक्षणिक योग्यता
आपके पास निम्न में से किसी में B.Tech / BE / B.Sc Engineering / M.Tech डिग्री होनी चाहिए:
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Mechanical Engineering
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Electrical Engineering
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Electronics & Communication
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Computer Science
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Civil Engineering
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Aerospace Engineering
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Instrumentation
कम से कम 65% अंक (या CGPA 6.84/10) आवश्यक होते हैं।
3️⃣ ISRO में वैज्ञानिक के पद
ISRO में मुख्य रूप से निम्न पद होते हैं:
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Scientist/Engineer ‘SC’ (एंट्री लेवल)
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Scientist ‘SD’
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Scientist ‘SE’
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Scientist ‘SF’
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Scientist ‘SG’
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Distinguished Scientist
नए उम्मीदवार आमतौर पर Scientist/Engineer SC के पद पर चयनित होते हैं।
4️⃣ ISRO चयन प्रक्रिया
ISRO में वैज्ञानिक बनने के दो मुख्य रास्ते हैं:
(1) ISRO Centralised Recruitment Board (ICRB) परीक्षा
ISRO स्वयं अपनी भर्ती परीक्षा आयोजित करता है।
(2) GATE के माध्यम से चयन
कुछ वर्षों में GATE स्कोर के आधार पर भी चयन होता है।
5️⃣ ISRO परीक्षा पैटर्न
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कुल प्रश्न: 80
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समय: 90 मिनट
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सभी प्रश्न टेक्निकल विषयों से
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नेगेटिव मार्किंग होती है
सभी प्रश्न आपके इंजीनियरिंग ब्रांच से संबंधित होते हैं।
6️⃣ विषयवार सिलेबस (उदाहरण – Mechanical)
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Engineering Mathematics
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Thermodynamics
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Fluid Mechanics
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Heat Transfer
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Theory of Machines
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Strength of Materials
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Manufacturing
अन्य ब्रांच के लिए सिलेबस अलग होगा।
7️⃣ तैयारी कैसे करें?
📘 Step 1: बेसिक्स मजबूत करें
NCERT (11वीं-12वीं) की फिजिक्स और मैथ्स अच्छी तरह पढ़ें।
📗 Step 2: इंजीनियरिंग विषयों की गहराई
अपने ब्रांच के सभी विषयों को कॉन्सेप्ट बेस्ड पढ़ें।
📕 Step 3: GATE लेवल की तैयारी
GATE के प्रश्न ISRO की तैयारी में मदद करते हैं।
📊 Step 4: मॉक टेस्ट
समय प्रबंधन के लिए नियमित मॉक टेस्ट दें।
8️⃣ 11वीं से तैयारी कैसे शुरू करें?
यदि आप अभी स्कूल में हैं:
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PCM (Physics, Chemistry, Maths) लें
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गणित और भौतिकी मजबूत करें
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JEE की तैयारी करें
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अच्छे इंजीनियरिंग कॉलेज में प्रवेश लें
9️⃣ इंटरव्यू कैसे होता है?
लिखित परीक्षा पास करने के बाद इंटरव्यू होता है।
इंटरव्यू में पूछा जाता है:
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प्रोजेक्ट से जुड़े प्रश्न
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बेसिक कॉन्सेप्ट
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प्रैक्टिकल एप्लीकेशन
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समस्या समाधान क्षमता
🔟 सैलरी और सुविधाएँ
Scientist/Engineer SC की प्रारंभिक सैलरी लगभग ₹56,100 (Basic Pay) होती है।
सुविधाएँ:
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HRA
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DA
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मेडिकल
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पेंशन
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रिसर्च वातावरण
कुल मासिक इन-हैंड लगभग ₹75,000 – ₹90,000 तक हो सकता है।
11️⃣ जरूरी स्किल्स
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Analytical Thinking
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Problem Solving
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Coding (CS वालों के लिए)
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Design Software (Mechanical वालों के लिए)
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Team Work
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Research Mindset
12️⃣ ISRO में काम करने के फायदे
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देश सेवा का अवसर
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हाई टेक्नोलॉजी पर काम
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अंतरराष्ट्रीय पहचान
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जॉब सिक्योरिटी
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रिसर्च का अवसर
13️⃣ असफलता से कैसे निपटें?
ISRO की परीक्षा कठिन होती है।
यदि पहली बार में चयन न हो तो:
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अपनी कमजोरियों का विश्लेषण करें
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GATE की तैयारी जारी रखें
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DRDO / BARC जैसी संस्थाओं में भी प्रयास करें
14️⃣ ISRO के प्रमुख केंद्र
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VSSC (केरल)
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URSC (कर्नाटक)
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SDSC (आंध्र प्रदेश)
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SAC (गुजरात)
🔥 निष्कर्ष
ISRO में वैज्ञानिक बनना केवल नौकरी नहीं, बल्कि एक मिशन है। इसके लिए मजबूत शिक्षा, कड़ी मेहनत, धैर्य और निरंतर अभ्यास की आवश्यकता होती है।
यदि आप 11वीं से ही सही दिशा में तैयारी शुरू करते हैं, इंजीनियरिंग में अच्छे अंक लाते हैं और GATE/ISRO परीक्षा की रणनीतिक तैयारी करते हैं, तो आपका सपना जरूर पूरा हो सकता है।15️⃣ ISRO के प्रमुख अंतरिक्ष मिशन (प्रेरणा के लिए)
ISRO में काम करने का सबसे बड़ा आकर्षण इसके ऐतिहासिक मिशन हैं। कुछ प्रमुख मिशन:
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चंद्रयान-1, 2 और 3 – भारत का चंद्र मिशन
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मंगलयान (Mars Orbiter Mission) – भारत का पहला मंगल मिशन
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आदित्य-L1 – सूर्य अध्ययन मिशन
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गगनयान – मानव अंतरिक्ष उड़ान कार्यक्रम
इन मिशनों पर काम करने का अवसर ISRO वैज्ञानिकों को मिलता है।
16️⃣ ISRO में अलग-अलग प्रकार के वैज्ञानिक
ISRO में केवल रॉकेट वैज्ञानिक ही नहीं होते, बल्कि कई प्रकार के विशेषज्ञ होते हैं:
🔹 रॉकेट प्रोपल्शन वैज्ञानिक
रॉकेट इंजन डिजाइन और ईंधन प्रणाली पर काम करते हैं।
🔹 सैटेलाइट सिस्टम इंजीनियर
उपग्रह की संरचना, पावर सिस्टम, कम्युनिकेशन सिस्टम डिजाइन करते हैं।
🔹 कंप्यूटर और सॉफ्टवेयर वैज्ञानिक
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सैटेलाइट डेटा प्रोसेसिंग
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लॉन्च कंट्रोल सिस्टम
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AI आधारित विश्लेषण
🔹 ट्रैकिंग और टेलीमेट्री विशेषज्ञ
लॉन्च के समय रॉकेट की स्थिति और गति पर निगरानी रखते हैं।
17️⃣ ISRO के प्रमुख केंद्रों की विस्तृत जानकारी
ISRO के कई रिसर्च और लॉन्च सेंटर हैं, जहाँ वैज्ञानिक कार्यरत रहते हैं:
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Vikram Sarabhai Space Centre (VSSC) – रॉकेट विकास
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U R Rao Satellite Centre (URSC) – सैटेलाइट निर्माण
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Satish Dhawan Space Centre (SDSC) – लॉन्च साइट
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Space Applications Centre (SAC) – एप्लिकेशन रिसर्च
हर केंद्र में अलग-अलग प्रकार के वैज्ञानिक काम करते हैं।
18️⃣ ISRO बनाम NASA – तुलना
NASA दुनिया की सबसे बड़ी अंतरिक्ष एजेंसी मानी जाती है।
| तुलना बिंदु | ISRO | NASA |
|---|---|---|
| देश | भारत | अमेरिका |
| बजट | कम | बहुत अधिक |
| लागत प्रभावशीलता | बहुत उच्च | उच्च |
| मिशन लागत | कम खर्च में सफल | महंगे लेकिन उन्नत |
ISRO कम बजट में शानदार परिणाम देने के लिए विश्वभर में प्रसिद्ध है।
19️⃣ ISRO में रिसर्च का माहौल
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अत्याधुनिक लैब
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सुपर कंप्यूटर
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रियल टाइम लॉन्च कंट्रोल
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अंतरराष्ट्रीय सहयोग
ISRO वैज्ञानिकों को निरंतर सीखने और प्रयोग करने का अवसर मिलता है।
20️⃣ ISRO में प्रमोशन कैसे होता है?
प्रमोशन प्रदर्शन और अनुभव के आधार पर होता है।
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SC → SD → SE → SF → SG
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हर 3–5 वर्ष में पदोन्नति संभव
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रिसर्च पेपर और प्रोजेक्ट का महत्व
21️⃣ ISRO में इंटर्नशिप कैसे करें?
इंजीनियरिंग छात्र ISRO के विभिन्न केंद्रों में इंटर्नशिप के लिए आवेदन कर सकते हैं।
योग्यता:
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अच्छे अकादमिक रिकॉर्ड
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कॉलेज की सिफारिश
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संबंधित प्रोजेक्ट
इंटर्नशिप से चयन की संभावना बढ़ जाती है।
22️⃣ ISRO में कार्य जीवन संतुलन
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सामान्यतः 5 दिन कार्य
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लॉन्च के समय अतिरिक्त कार्य
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सरकारी छुट्टियाँ
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परिवार और व्यक्तिगत जीवन के लिए समय
23️⃣ ISRO परीक्षा में सफल होने की रणनीति
🔥 6 महीने की रणनीति
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पहले 2 महीने – पूरा सिलेबस कवर
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अगले 2 महीने – PYQ अभ्यास
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अंतिम 2 महीने – मॉक टेस्ट और रिवीजन
📌 महत्वपूर्ण सुझाव
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शॉर्ट नोट्स बनाएं
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फॉर्मूला बुक रखें
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हर दिन 6–8 घंटे पढ़ाई
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कमजोर विषय पर विशेष ध्यान
24️⃣ कौन-कौन सी किताबें पढ़ें?
Mechanical
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Strength of Materials – Bansal
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Thermodynamics – P.K. Nag
Electrical
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Electrical Machines – B.L. Theraja
Electronics
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Electronic Devices – Sedra & Smith
Computer Science
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Operating System – Galvin
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Algorithms – CLRS
25️⃣ ISRO में चयनित होने वाले छात्रों की विशेषताएँ
✔ मजबूत कॉन्सेप्ट
✔ प्रैक्टिकल सोच
✔ धैर्य
✔ टीमवर्क
✔ देश सेवा का जुनून
26️⃣ ISRO में महिलाओं की भूमिका
ISRO में बड़ी संख्या में महिला वैज्ञानिक कार्यरत हैं।
चंद्रयान और मंगल मिशन में भी महिला वैज्ञानिकों की अहम भूमिका रही है।
यह दर्शाता है कि यह क्षेत्र महिलाओं के लिए भी उत्कृष्ट अवसर प्रदान करता है।
27️⃣ ISRO में असफलता से सफलता तक की कहानी
अधिकांश चयनित उम्मीदवार पहली बार में सफल नहीं होते।
वे:
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2–3 बार प्रयास करते हैं
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GATE के माध्यम से प्रवेश पाते हैं
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अन्य रिसर्च संस्थानों में अनुभव लेकर पुनः प्रयास करते हैं
धैर्य और निरंतर प्रयास ही सफलता की कुंजी है।
28️⃣ भविष्य में ISRO के अवसर
आने वाले वर्षों में:
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मानव मिशन
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चंद्र बेस
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गहरे अंतरिक्ष मिशन
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स्पेस टूरिज्म
इन क्षेत्रों में हजारों नए वैज्ञानिकों की आवश्यकता होगी।
🎯 अंतिम निष्कर्ष (Extended Conclusion)
ISRO में वैज्ञानिक बनना एक सपने जैसा करियर है, लेकिन यह सपना केवल उन्हीं का पूरा होता है जो:
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मजबूत बुनियादी ज्ञान रखते हैं
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निरंतर अभ्यास करते हैं
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असफलता से नहीं डरते
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देश के लिए कुछ बड़ा करना चाहते हैं
यदि आप 11वीं से ही PCM लेकर मेहनत शुरू करते हैं, अच्छे इंजीनियरिंग कॉलेज से पढ़ाई करते हैं, GATE और ISRO परीक्षा की रणनीतिक तैयारी करते हैं, और इंटरव्यू में आत्मविश्वास दिखाते हैं — तो आपका चयन निश्चित रूप से संभव है।

