मस्तिष्क (Brain): संरचना, कार्य, विकास और महत्व भूमिका(By Nisha yadav)

 

भूमिका 

मस्तिष्क मानव शरीर का सबसे जटिल, संवेदनशील और महत्वपूर्ण अंग है। यह हमारे शरीर की सभी क्रियाओं का नियंत्रण केंद्र है। सोचने, समझने, सीखने, याद रखने, निर्णय लेने, भावनाएँ व्यक्त करने और शरीर के अंगों को संचालित करने का कार्य मस्तिष्क ही करता है। मस्तिष्क के बिना मानव जीवन की कल्पना भी संभव नहीं है। यही कारण है कि मस्तिष्क को शरीर का “कमांड सेंटर” कहा जाता है। 



मस्तिष्क क्या है?

मस्तिष्क केंद्रीय तंत्रिका तंत्र (Central Nervous System) का प्रमुख अंग है। यह खोपड़ी (Skull) के भीतर सुरक्षित रहता है। मस्तिष्क तंत्रिकाओं के माध्यम से शरीर के हर अंग से जुड़ा रहता है और सूचनाओं का आदान-प्रदान करता है। मस्तिष्क विद्युत और रासायनिक संकेतों के जरिए शरीर को नियंत्रित करता है।

मस्तिष्क का वजन और संरचना

एक वयस्क मानव के मस्तिष्क का औसत वजन लगभग 1300–1400 ग्राम होता है। यह लगभग 75% पानी से बना होता है, फिर भी यह अत्यंत शक्तिशाली अंग है। मस्तिष्क में लगभग 86 अरब न्यूरॉन्स (तंत्रिका कोशिकाएँ) होती हैं, जो आपस में जुड़कर जटिल नेटवर्क बनाती हैं।

मस्तिष्क के मुख्य भाग

मानव मस्तिष्क को मुख्य रूप से तीन भागों में बाँटा जाता है:

1. सेरिब्रम (Cerebrum)

सेरिब्रम मस्तिष्क का सबसे बड़ा भाग है। यह मस्तिष्क के कुल भार का लगभग 80% होता है।

कार्य:

  • सोचने और समझने की क्षमता

  • याददाश्त (Memory)

  • बुद्धि और तर्क शक्ति

  • बोलना, लिखना और पढ़ना

  • स्वैच्छिक क्रियाएँ (चलना, लिखना आदि)

सेरिब्रम को दो भागों में बाँटा गया है:

  • बायाँ गोलार्ध (Left Hemisphere) – तर्क, गणित, भाषा

  • दायाँ गोलार्ध (Right Hemisphere) – कल्पना, कला, संगीत, भावनाएँ

2. सेरिबेलम (Cerebellum)

सेरिबेलम मस्तिष्क के पीछे और नीचे स्थित होता है।

कार्य:

  • शरीर का संतुलन बनाए रखना

  • मांसपेशियों का समन्वय

  • चलने, दौड़ने और बैठने में सहायता

यदि सेरिबेलम ठीक से काम न करे, तो व्यक्ति को चलने में कठिनाई होती है।

3. ब्रेन स्टेम (Brain Stem)

ब्रेन स्टेम मस्तिष्क को रीढ़ की हड्डी से जोड़ता है।

कार्य:

  • श्वास (सांस लेना)

  • हृदय की धड़कन

  • रक्तचाप नियंत्रण

  • नींद और जागरण

ब्रेन स्टेम जीवन के लिए अत्यंत आवश्यक है।

न्यूरॉन्स और तंत्रिका तंत्र

न्यूरॉन्स मस्तिष्क की विशेष कोशिकाएँ होती हैं, जो संदेशों का आदान-प्रदान करती हैं। ये विद्युत संकेतों के माध्यम से कार्य करती हैं। न्यूरॉन्स आपस में सिनेप्स (Synapse) द्वारा जुड़े होते हैं।

मस्तिष्क और स्मृति (Memory)

मस्तिष्क की सबसे महत्वपूर्ण क्षमता स्मृति है।

स्मृति के प्रकार:

  1. अल्पकालिक स्मृति (Short-term Memory)

  2. दीर्घकालिक स्मृति (Long-term Memory)

  3. कार्यशील स्मृति (Working Memory)

याददाश्त सीखने और अनुभवों से मजबूत होती है।

मस्तिष्क और भावनाएँ

भावनाओं का नियंत्रण लिम्बिक सिस्टम (Limbic System) करता है। इसमें अमिगडाला और हिप्पोकैम्पस शामिल हैं।

भावनाएँ जैसे:

  • खुशी

  • दुख

  • भय

  • क्रोध

  • प्रेम

इन सभी का नियंत्रण मस्तिष्क करता है।

मस्तिष्क का विकास

मानव मस्तिष्क का विकास जन्म से पहले ही शुरू हो जाता है। बचपन और किशोरावस्था में मस्तिष्क तेजी से विकसित होता है।

विकास में सहायक तत्व:

  • पोषक आहार

  • शिक्षा और सीखने की गतिविधियाँ

  • खेल और व्यायाम

  • सकारात्मक वातावरण

मस्तिष्क और नींद

नींद मस्तिष्क के लिए अत्यंत आवश्यक है। नींद के दौरान मस्तिष्क:

  • जानकारी को व्यवस्थित करता है

  • थकान दूर करता है

  • स्मृति को मजबूत बनाता है

नींद की कमी से एकाग्रता और याददाश्त प्रभावित होती है।

मस्तिष्क से जुड़ी बीमारियाँ

कुछ प्रमुख मस्तिष्क रोग हैं:

  • अल्ज़ाइमर (Alzheimer’s Disease)

  • पार्किंसन रोग

  • मिर्गी (Epilepsy)

  • स्ट्रोक (Stroke)

  • मानसिक तनाव और अवसाद

इन रोगों से बचाव के लिए स्वस्थ जीवनशैली आवश्यक है।

मस्तिष्क को स्वस्थ रखने के उपाय

  1. संतुलित आहार लें

  2. नियमित व्यायाम करें

  3. पर्याप्त नींद लें

  4. ध्यान और योग करें

  5. तनाव से बचें

  6. पढ़ने और सीखने की आदत डालें

मस्तिष्क और आधुनिक विज्ञान

आज के समय में न्यूरोसाइंस और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के माध्यम से मस्तिष्क पर गहन शोध हो रहा है। वैज्ञानिक मस्तिष्क की कार्यप्रणाली को समझकर नई तकनीकों का विकास कर रहे हैं।

मस्तिष्क का सामाजिक और शैक्षिक महत्व

मस्तिष्क ही शिक्षा, संस्कृति और समाज के विकास का आधार है। मानव की रचनात्मकता, खोज और आविष्कार मस्तिष्क की शक्ति का प्रमाण हैं।

निष्कर्ष

मस्तिष्क मानव शरीर का सबसे महत्वपूर्ण और अद्भुत अंग है। यह न केवल हमारे शरीर को नियंत्रित करता है, बल्कि हमें सोचने, समझने और आगे बढ़ने की शक्ति भी देता है। मस्तिष्क का सही उपयोग और संरक्षण करके ही मानव जीवन को सफल और स्वस्थ बनाया जा सकता है।

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