LBSNAA; भारत का सर्वोच्च प्रशासनिक प्रशिक्षण संस्थानस्तृ (Vaishno Verma )

 

प्रस्तावना

भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS), भारतीय पुलिस सेवा (IPS), भारतीय विदेश सेवा (IFS) या अन्य प्रतिष्ठित सिविल सेवाएँ—इन सबके पीछे जिस संस्थान की सबसे बड़ी भूमिका है, वह है LBSNAA, यानी लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी
देहरादून के पास मसूरी की वादियों में स्थित यह अकादमी सिर्फ एक प्रशिक्षण केंद्र नहीं बल्कि भारत के भविष्य का निर्माण स्थल है।
यहीं से निकलकर ऐसे अधिकारी देश के प्रशासनिक ढाँचे को संचालित करते हैं जो आगे चलकर DM, Collector, Secretary, Chief Secretary, Cabinet Secretary जैसे शीर्ष पदों तक पहुँचते हैं।

भारत में शासन की रीढ़ माने जाने वाले इन अधिकारियों के व्यक्तित्व, नेतृत्व क्षमता, संवेदनशीलता, नैतिकता और निर्णय–क्षमता को तराशने का कार्य LBSNAA बड़ी कुशलता और गरिमा के साथ करती है।

स्थापना और इतिहास

LBSNAA का इतिहास स्वतंत्र भारत की प्रशासनिक जरूरतों से जुड़ा हुआ है।
आजादी के बाद यह महसूस किया गया कि भारतीय सिविल सेवाओं के अधिकारियों को भारतीय परिस्थितियों, समस्याओं और चुनौतियों के अनुसार प्रशिक्षित करने के लिए एक अलग संस्थान की आवश्यकता है।

मुख्य ऐतिहासिक पड़ाव

  1. 1959 में मसूरी में “National Academy of Administration” की स्थापना की गई।

  2. 1972 में इसका नाम बदलकर भारत के दूसरे प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के सम्मान में
    Lal Bahadur Shastri National Academy of Administration (LBSNAA) कर दिया गया।

  3. समय के साथ यह संस्थान देश का सबसे प्रतिष्ठित प्रशिक्षण केंद्र बन गया।

LBSNAA कहाँ स्थित है?

LBSNAA उत्तराखंड के मसूरी में “चार्लविले एस्टेट” नामक खूबसूरत स्थान पर स्थित है।
यहाँ से हिमालय की बर्फीली चोटियाँ, घने जंगल, शांत वातावरण और प्राकृतिक सौंदर्य प्रशिक्षणार्थियों को प्रेरित करता है।

सिविल सेवा अधिकारियों को मनोवैज्ञानिक संतुलन, संवेदना, आत्म-चिंतन और नेतृत्व विकसित करने के लिए ऐसी ही शांत और स्वाभाविक जगह की आवश्यकता होती है—और मसूरी इसका बेहतर उदाहरण है।

LBSNAA का उद्देश्य

LBSNAA का मुख्य उद्देश्य अधिकारियों को सिर्फ प्रशासनिक प्रणाली का ज्ञान देना नहीं बल्कि एक जिम्मेदार, नैतिक, मानव–केंद्रित, प्रभावी और संवेदनशील प्रशासक तैयार करना है।

प्रमुख उद्देश्य

  • नेतृत्व क्षमता का विकास

  • राष्ट्रीय और सामाजिक मूल्यों का प्रशिक्षण

  • संविधान और प्रशासन की गहरी समझ

  • नीति-निर्माण की क्षमता विकसित करना

  • संकट प्रबंधन और निर्णय क्षमता

  • गरीबों और हाशिए पर रहने वाले लोगों के प्रति संवेदनशीलता

  • तकनीकी और डिजिटल प्रशासन का प्रशिक्षण

कौन-कौन LBSNAA में प्रशिक्षण लेते हैं?

मुख्य रूप से सभी All India Services और Group A Central Services के अधिकारी प्रशिक्षण के लिए LBSNAA आते हैं।

इनमें प्रमुख हैं—

  • IAS – Indian Administrative Service

  • IPS – Indian Police Service

  • IFS – Indian Foreign Service

  • IRS – Indian Revenue Service

  • IA&AS – Audit and Accounts Service

  • IES – Economic Services

  • Indian Information Service
    आदि।

🌟 प्रशिक्षण के चरण

LBSNAA में प्रशिक्षण कई चरणों में होता है।

1. Foundation Course (FC)

यह LBSNAA में शामिल होने वाला पहला चरण है।
यह 3–4 महीने का कोर्स होता है जिसे भारत की लगभग सभी प्रमुख सेवाओं के अधिकारी एक साथ करते हैं।

Foundation Course की मुख्य विशेषताएँ

  • रात–दिन चलने वाली कठोर दिनचर्या

  • अकादमिक कक्षाएँ

  • भाषण, सेमिनार, प्रोजेक्ट

  • योग, PT, शारीरिक व्यायाम

  • भारत दर्शन की शुरुआत

  • कला, संगीत और सांस्कृतिक गतिविधियाँ

  • पर्वतारोहण और ट्रैकिंग

इसे “India’s toughest college life” भी कहा जाता है।

2. IAS Professional Course (Phase-I)

Foundation Course के बाद यह प्रशिक्षण केवल IAS अधिकारियों के लिए होता है।
यह लगभग 4–6 महीने का होता है।

इसके प्रमुख हिस्से

  • भारतीय संविधान

  • प्रशासनिक सिद्धांत

  • कानून और न्याय

  • भूमि, राजस्व, पंचायत, ग्रामीण विकास

  • अर्थव्यवस्था, बजट, नीति निर्माण

  • आपदा प्रबंधन

  • व्यावहारिक केस स्टडी

  • फील्ड विजिट

  • मॉड्यूल आधारित परीक्षण

3. District Training (Bharat Darshan + Field)

Phase-I के बाद IAS अधिकारियों को लगभग 1 साल के लिए किसी जिले में भेजा जाता है, जहाँ वे जिलाधिकारी के साथ फील्ड में कार्य सीखते हैं।

उन्हें जिम्मेदारियाँ मिलती हैं—

  • तहसील और ब्लॉक कार्यालय का निरीक्षण

  • पुलिस, स्वास्थ्य, शिक्षा व्यवस्था को समझना

  • गाँवों में योजनाओं की स्थिति देखना

  • आपदाओं और पेचीदा स्थितियों का प्रबंधन

  • सरकारी योजनाओं के लक्षित लाभार्थियों तक पहुँच

यह वास्तविकता से सामना कराने वाला सबसे प्रभावी प्रशिक्षण माना जाता है।

4. Phase-II Training

जिला प्रशिक्षण के बाद अधिकारी वापस LBSNAA लौटते हैं और अपना दूसरा चरण पूरा करते हैं।

यह हिस्सा उन्हें वास्तविक अनुभव के आधार पर उच्च-स्तरीय प्रशासनिक समझ देता है।

इस दौरान शामिल होता है—

  • नीति-निर्माण

  • बजट प्रबंधन

  • राष्ट्रीय सुरक्षा

  • आर्थिक प्रशासन

  • विदेशी नीति

  • डिजिटल प्रशासन

  • नीतिगत निर्णय के केस स्टडी

  • सेमिनार और प्रेजेंटेशन

5. Assistant Secretaryship (Delhi)

Phase-II के बाद IAS प्रशिक्षुओं को 3–4 महीनों के लिए विभिन्न मंत्रालयों में “Assistant Secretary” के रूप में नियुक्त किया जाता है।

यह उन्हें केंद्रीय शासन तंत्र को समझने का अवसर देता है—

  • मंत्रालयों का कामकाज

  • नीति निर्माण

  • सचिवों के साथ बैठकों का अनुभव

  • अंतर-मंत्रालयीय कार्य

  • फाइल प्रक्रिया और निर्णय-प्रक्रिया

🌿 LBSNAA की दिनचर्या (Daily Routine)

LBSNAA की दिनचर्या बहुत अनुशासित होती है।

एक IAS अधिकारी की दिनचर्या कुछ ऐसी होती है—

  • 6:00 AM — PT/शारीरिक प्रशिक्षण

  • 7:30 AM — नाश्ता

  • 9:00 AM – 2:00 PM — कक्षाएँ

  • 2:00 – 3:00 PM — लंच

  • 3:00 – 5:00 PM — ग्रुप प्रोजेक्ट या सेमिनार

  • 5:00 – 6:00 PM — स्पोर्ट्स/शारीरिक गतिविधियाँ

  • 7:00 – 9:00 PM — अध्ययन

  • 9:00 PM — डिनर और नाइट रूटीन

🏛 LBSNAA की प्रमुख इमारतें और स्थान

1. Charleville Building

यह LBSNAA का मुख्य प्रशासनिक भवन है।

2. Gandhi Smriti Library

एक विशाल पुस्तकालय जिसमें लाखों पुस्तकें और डिजिटल संसाधन उपलब्ध हैं।

3. Indira Bhavan, Karamshila, Vikramshila Hostel

यहीं पर अधिकारी रहते हैं।

4. Sampoornanand Auditorium

अकादमी का प्रमुख सभागार जहाँ बड़े कार्यक्रम होते हैं।

5. Happy Valley परिसर

यह प्राकृतिक सौंदर्य से भरा हुआ स्थान आस-पास की हरियाली को और आकर्षक बनाता है।

🧭 भारत दर्शन (Bharat Darshan) – LBSNAA की शान

Foundation Course के बाद सभी अधिकारी पूरे भारत की यात्रा पर निकलते हैं।
यह दो शब्दों में कहा जाए तो—
“India’s grand study tour.”

इसमें शामिल होता है—

  • सीमावर्ती क्षेत्रों का दौरा

  • आर्मी, BSF, नेवी, एयरफोर्स के साथ समय

  • ISRO, DRDO, BARC जैसी संस्थाओं का भ्रमण

  • गांव, शहर, पहाड़, समुद्र—हर क्षेत्र की समझ

  • सांस्कृतिक विविधता को अनुभव करना

🎭 सांस्कृतिक और खेल गतिविधियाँ

अकादमी में कड़ी पढ़ाई के साथ अनेक रचनात्मक गतिविधियों को भी महत्व दिया जाता है—

गतिविधियाँ

  • संगीत

  • नृत्य

  • नाटक

  • बहस

  • ट्रेकिंग

  • नदी राफ्टिंग

  • हॉर्स राइडिंग

  • साइक्लिंग

  • Mountaineering Course

ये गतिविधियाँ प्रशासनिक अधिकारियों को मानसिक और भावनात्मक रूप से मजबूत बनाती हैं।

🌟 LBSNAA की विशेषताएँ

  • भारत की सबसे प्रतिष्ठित प्रशिक्षण अकादमी

  • कठोर और आधुनिक प्रशिक्षण पद्धति

  • उच्च स्तरीय शिक्षण वातावरण

  • राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों का मार्गदर्शन

  • नैतिक प्रशासन पर जोर

  • वास्तविक जीवन के केस स्टडी

  • तकनीक आधारित शिक्षा

📌 भारतीय प्रशासन में LBSNAA का महत्व

LBSNAA केवल प्रशासनिक प्रशिक्षण संस्थान नहीं है, बल्कि—

  • प्रशासनिक मूल्यों का केंद्र

  • राष्ट्र निर्माण का आधार

  • नेतृत्व विकसित करने की प्रयोगशाला

  • भविष्य के नीति-निर्माताओं का निर्माण स्थल

यही कारण है कि इसे “The Temple of Indian Administration” कहा जाता है।

निष्कर्ष

LBSNAA केवल एक प्रशिक्षण संस्थान नहीं बल्कि भावी भारत के नेताओं का निर्माण केंद्र है।
यहाँ तैयार होने वाले अधिकारी न सिर्फ प्रशासन चलाते हैं, बल्कि देश के विकास, न्याय, सुरक्षा और प्रगति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

मसूरी की वादियों में स्थित यह संस्थान हर साल ऐसे युवाओं को तराशता है जो एक दिन भारत के शासन तंत्र की रीढ़ बनते हैं।
इसीलिए LBSNAA भारतीय सिविल सेवाओं का सबसे प्रतिष्ठित और प्रेरणादायक संस्थान माना जाता है।

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