एक सपना और उसका सफर: कल्पना की कहानी
हरियाणा के एक छोटे से शहर में एक लड़की रहती थी, जिसका नाम था कल्पना। बचपन से ही उसके दिल में एक बड़ा सपना था—आसमान को छूना। लोग कहते थे, “लड़की, ये सपना बड़ा है, तुम कर नहीं सकती।” लेकिन कल्पना ने कभी हार नहीं मानी।
स्कूल में वह हमेशा अव्वल रहती और विज्ञान में उसका जुनून सबको हैरान कर देता। एक दिन उसने सुना कि अमेरिका में NASA नाम की जगह है, जहाँ लोग सपनों को सच करते हैं—रॉकेट के साथ अंतरिक्ष में उड़ते हैं! कल्पना ने ठान लिया, “मैं वहाँ जाऊँगी।”
बड़ी मेहनत और लगन के साथ कल्पना अमेरिका गई। उसने एरोनॉटिकल इंजीनियरिंग पढ़ी और इतनी मेहनत की कि NASA ने उसे अंतरिक्ष यात्री के रूप में चुन लिया। और फिर एक दिन उसका सपना सच हुआ—कल्पना अंतरिक्ष शटल Columbia में अंतरिक्ष यात्री बनी!
अंतरिक्ष में जाकर, उसने अपने सपनों को जीया और दुनिया को दिखाया कि हिम्मत और जुनून से कुछ भी मुमकिन है। हालांकि, कहानी का अंत थोड़ा दुखभरा है—Columbia मिशन में एक दुर्घटना हुई और कल्पना और उनकी टीम हमेशा के लिए याद की गई। लेकिन उनका सपना, उनका जुनून और उनकी कहानी पूरी दुनिया के लिए प्रेरणा बन गई।
;यह कहानी हमें सिखाती है:
“सपने देखो, जुनून रखो और हिम्मत से उन्हें पूरा करो, चाहे रास्ते कितने भी कठिन क्यों न हों।”
