कल्पना चावला: अंतरिक्ष की उड़ान और उनका सफर (by Anchal jaiswal )


 कल्पना चावला: अंतरिक्ष की उड़ान और उनका सफर

जन्म और बचपन:
कल्पना चावला का जन्म 1 जुलाई 1962 को हरियाणा के छोटे शहर कुरुक्षेत्र, भारत में हुआ। बचपन से ही वह बहुत पढ़ाकू और जिज्ञासु थीं। उन्होंने हमेशा बड़ी उड़ान भरने के सपने देखे।

शिक्षा और अमेरिका जाना:
कल्पना ने पंजाब विश्वविद्यालय से एयरोनॉटिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की। उसके बाद उन्होंने अमेरिका जाकर अपनी पढ़ाई जारी रखी। वहाँ उन्होंने University of Texas, Austin से एयरोनॉटिक्स में मास्टर्स और पीएचडी की।

NASA में करियर:
1988 में कल्पना NASA में शामिल हुईं और अंतरिक्ष यात्री बनने के लिए प्रशिक्षित होने लगीं। उनका सपना सच हुआ जब उन्होंने 1997 में पहली बार अंतरिक्ष में उड़ान भरी।

अंतरिक्ष की उड़ानें:
कल्पना ने दो अंतरिक्ष मिशन किए:

  1. STS-87 (1997) – पहला मिशन

  2. STS-107 (2003) – दूसरा मिशन

दुर्भाग्यपूर्ण मौत:
कल्पना चावला की मौत STS-107 Columbia मिशन में हुई। यह मिशन Space Shuttle Columbia की थी, जो 16 जनवरी 2003 को उड़ान भरने के बाद 1 फरवरी 2003 को वापस लौट रही थी।

वापस लौटते समय, शटल के थर्मल हीट शील्ड में एक समस्या आ गई। यह हिस्सा रॉकेट के लॉन्च के समय टूटकर बाहर गिरा था और इससे शटल के पंख में एक बड़ा छेद हो गया।
अंतरिक्ष से वापस आते समय, Columbia पृथ्वी के वातावरण में प्रवेश कर रही थी और उसके पंख में हुई चोट के कारण वह विस्फोट कर गई। इस हादसे में कल्पना चावला और उनके पूरे क्रू की मौत हो गई।

उत्तराधिकारी प्रभाव और सम्मान:
कल्पना चावला की मौत के बाद, उनकी प्रेरणा और साहस को कभी नहीं भुलाया गया। भारत और अमेरिका दोनों जगह उन्हें मरणोपरांत सम्मान मिला। उनके नाम पर स्कूल, सड़कें और पुरस्कार रखे गए। उन्होंने साबित किया कि सपने बड़े हों और हिम्मत हो तो कोई सीमा नहीं होती।

Columbia मिशन और दुर्घटना का सच

मिशन का उद्देश्य:
STS-107 मिशन का उद्देश्य था वैज्ञानिक प्रयोग करना। अंतरिक्ष में कई तरह के प्रयोग किए जाने थे—जैसे पेड़ों, धातुओं और माइक्रोग्रेविटी में तरल पदार्थ पर अनुभव। कल्पना चावला इस मिशन में मिशन स्पेशलिस्ट थीं।

दुर्घटना का कारण:

  • शटल Columbia के लॉन्च के समय सॉलिड रॉकेट बूस्टर से एक बड़ा टुकड़ा फोम (thermal insulation foam) गिरा।

  • यह टुकड़ा शटल के लेफ्ट विंग (पंख) से टकराया और वहाँ छेद कर दिया।

  • यह छेद बहुत छोटा लग सकता था, लेकिन अंतरिक्ष से वापस आते समय वायुमंडलीय घर्षण और गर्मी के कारण यह महा-बड़ा खतरा बन गया।

पृथ्वी पर वापसी के समय:

  • जब Columbia पृथ्वी के वातावरण में प्रवेश कर रही थी, पंख में हुआ यह नुकसान थर्मल प्रोटेक्शन सिस्टम को नष्ट कर दिया।

  • शटल के अंदर का तापमान इतनी तेजी से बढ़ा कि पूरा शटल टूट गया और विस्फोट हुआ।

  • इस हादसे में कल्पना चावला और उनके 6 साथी क्रू मेंबर्स की मृत्यु हो गई।

परिणाम और सुधार:
NASA ने इस दुर्घटना के बाद शटल प्रोग्राम में कई सुधार किए:

  1. रॉकेट बूस्टर और फोम इंसुलेशन की सुरक्षा बढ़ाई।

  2. मिशन के दौरान अंतरिक्ष से शटल की पूरी जांच करने की प्रक्रिया बनाई।

  3. भविष्य के मिशनों में सुरक्षा मानकों को और सख्त किया।

💡 सिखावन:
कल्पना चावला और Columbia क्रू ने हमें यह सिखाया कि वैज्ञानिक खोज और जोखिम हमेशा जुड़े होते हैं। उनके साहस और मेहनत ने दुनिया को नई सीमाओं तक पहुँचाया।

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