📘 कॉर्पोरेट टैक्स (Corporate Tax) – विस्तृत जानकारी
कॉर्पोरेट टैक्स वह प्रत्यक्ष कर है जो कंपनियों (Company/Corporation) के मुनाफे (Profit) पर लगाया जाता है। भारत में इसे Income Tax Department प्रशासित करता है और इसका कानूनी आधार Income Tax Act 1961 है। नीतिगत मार्गदर्शन Central Board of Direct Taxes (CBDT) देता है।
1️⃣ कॉर्पोरेट टैक्स क्या है?
जब कोई कंपनी साल भर में अपनी कुल आय से खर्च घटाने के बाद शुद्ध लाभ (Net Profit) कमाती है, तो उस लाभ पर सरकार टैक्स लेती है। यही कॉर्पोरेट टैक्स है।
सरल सूत्र:
कर योग्य आय (Taxable Income) = कुल आय – अनुमन्य खर्च – छूट/कटौतियाँ
2️⃣ कौन-कौन कंपनियाँ कॉर्पोरेट टैक्स देती हैं?
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घरेलू कंपनी (Domestic Company) – भारत में पंजीकृत कंपनी
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विदेशी कंपनी (Foreign Company) – विदेश में पंजीकृत, पर भारत में आय अर्जित करती है
3️⃣ कॉर्पोरेट टैक्स की दरें (सामान्य ढाँचा)
दरें समय-समय पर बजट में बदल सकती हैं; यहाँ प्रचलित ढाँचे का सार है:
(A) घरेलू कंपनियाँ
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सामान्य विकल्प: लगभग 25% (कुछ शर्तों/टर्नओवर के अनुसार)
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विशेष रियायती विकल्प (धारा 115BAA): लगभग 22% (निर्धारित शर्तों के साथ, अधिकांश छूट त्यागनी होती हैं)
(B) नई मैन्युफैक्चरिंग कंपनियाँ
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विशेष प्रोत्साहन (धारा 115BAB): लगभग 15% (निर्धारित शर्तों के साथ)
(C) विदेशी कंपनियाँ
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सामान्यतः उच्च दर (लगभग 40%) भारत में अर्जित आय पर
इसके अतिरिक्त Surcharge और Health & Education Cess (4%) लागू हो सकते हैं, जिससे प्रभावी दर बढ़ती है।
4️⃣ कॉर्पोरेट टैक्स की गणना कैसे होती है?
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कुल राजस्व (Revenue) निकालें
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व्यावसायिक खर्च (कच्चा माल, वेतन, किराया, ब्याज, मूल्यह्रास/Depreciation) घटाएँ
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कर योग्य आय निर्धारित करें
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लागू दर से टैक्स निकालें
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Surcharge व Cess जोड़ें
उदाहरण:
यदि किसी कंपनी का कर योग्य लाभ ₹1 करोड़ है और दर 25% है, तो मूल टैक्स ₹25 लाख होगा (फिर Surcharge/Cess अलग से जोड़ा जाएगा)।
5️⃣ MAT (Minimum Alternate Tax)
कुछ कंपनियाँ अधिक छूटों के कारण बहुत कम टैक्स देती थीं। इसे रोकने के लिए MAT का प्रावधान है—ताकि न्यूनतम स्तर का टैक्स अवश्य अदा हो।
रियायती नई दरें (115BAA/115BAB) चुनने पर MAT लागू नहीं होता।
6️⃣ एडवांस टैक्स और TDS
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यदि टैक्स देनदारी ₹10,000 से अधिक है, तो Advance Tax किस्तों में देना होता है।
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कुछ भुगतानों पर TDS लागू हो सकता है।
7️⃣ कॉर्पोरेट टैक्स के लाभ
✔ सरकार को स्थिर राजस्व
✔ उद्योग नीति के माध्यम से निवेश आकर्षित करना (कम दरें/प्रोत्साहन)
✔ रोजगार और विनिर्माण को बढ़ावा
2019 में सरकार ने दरों में कटौती कर निवेश प्रोत्साहित करने का निर्णय लिया था, जिसका उद्देश्य “मेक इन इंडिया” को बल देना था।
8️⃣ कॉर्पोरेट टैक्स न देने पर दंड
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ब्याज और जुर्माना
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स्क्रूटिनी/नोटिस
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गंभीर मामलों में अभियोजन
9️⃣ कॉर्पोरेट टैक्स बनाम आयकर
| आधार | कॉर्पोरेट टैक्स | व्यक्तिगत आयकर |
|---|---|---|
| करदाता | कंपनी | व्यक्ति/HUF |
| आधार | कंपनी का लाभ | व्यक्ति की आय |
| दर | निश्चित/विशेष विकल्प | प्रगतिशील स्लैब |
📌 निष्कर्ष
कॉर्पोरेट टैक्स भारत की राजस्व व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है। संतुलित दरें उद्योग वृद्धि, विदेशी निवेश और आर्थिक विकास को प्रभावित करती हैं।
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