यूनानी सभ्यता (by-Anish chaurasiya)


प्रस्तावना

यूनानी सभ्यता विश्व की सबसे प्रभावशाली प्राचीन सभ्यताओं में से एक थी। इसका विकास लगभग 800 ईसा पूर्व से हुआ और यह भूमध्यसागर के तटीय क्षेत्रों में फैली। आधुनिक राजनीति, दर्शन, विज्ञान, कला और खेलों पर इसका गहरा प्रभाव पड़ा है।

भौगोलिक स्थिति

यूनानी सभ्यता का केंद्र आज का ग्रीस और एगेन सागर (Aegean Sea) के द्वीप थे। पहाड़ी भू-भाग और समुद्र से घिरे होने के कारण यहाँ छोटे-छोटे नगर-राज्य (City-States) विकसित हुए।

मुख्य नगर-राज्य:

  • एथेंस

  • स्पार्टा

  • कोरिंथ

  • थीब्स

राजनीतिक व्यवस्था

1. एथेंस – लोकतंत्र की जन्मभूमि

एथेंस में प्रत्यक्ष लोकतंत्र (Direct Democracy) की स्थापना हुई। यहाँ नागरिक स्वयं सभा में भाग लेकर निर्णय लेते थे।

2. स्पार्टा – सैन्य राज्य

स्पार्टा एक सैन्य प्रधान राज्य था। यहाँ अनुशासन और सैनिक प्रशिक्षण पर विशेष जोर दिया जाता था।

सामाजिक जीवन

  • समाज तीन वर्गों में बँटा था: नागरिक, विदेशी (Metics), और दास।

  • महिलाओं की स्थिति एथेंस में सीमित थी, जबकि स्पार्टा में उन्हें अधिक स्वतंत्रता प्राप्त थी।

  • शिक्षा, खेल और कला को महत्व दिया जाता था।

धर्म और आस्था

यूनानी लोग बहुदेववादी थे। वे प्राकृतिक शक्तियों और देवताओं की पूजा करते थे।

प्रमुख देवता:

  • ज़्यूस (आकाश के देवता)

  • एथेना (बुद्धि की देवी)

  • अपोलो (संगीत और प्रकाश के देवता)

  • पोसाइडन (समुद्र के देवता)

दर्शन और विचारधारा

यूनान दर्शनशास्त्र का जन्मस्थान माना जाता है।

प्रसिद्ध दार्शनिक:

  • सुकरात

  • प्लेटो

  • अरस्तू

इन दार्शनिकों ने तर्क, नैतिकता, राजनीति और विज्ञान की नींव रखी।

साहित्य और कला

  • महाकाव्य: इलियड और ओडिसी (होमर द्वारा)

  • नाटक: त्रासदी और हास्य नाटक

  • मूर्तिकला: संगमरमर की यथार्थवादी मूर्तियाँ

  • वास्तुकला: डोरिक, आयोनिक और कोरिंथियन शैली

विज्ञान और गणित

  • पाइथागोरस का प्रमेय

  • हिप्पोक्रेट्स – चिकित्सा के जनक

  • आर्किमिडीज – गणित और भौतिकी

ओलंपिक खेल

776 ईसा पूर्व में ओलंपिक खेलों की शुरुआत हुई। ये खेल ज़्यूस के सम्मान में आयोजित किए जाते थे।

सिकंदर महान

यूनानी सभ्यता के विस्तार में सिकंदर महान का महत्वपूर्ण योगदान था। उन्होंने यूनान से लेकर मिस्र और भारत तक अपना साम्राज्य फैलाया।

पतन

यूनानी सभ्यता का पतन आंतरिक संघर्षों और बाद में रोमन साम्राज्य के उदय के कारण हुआ।

महत्व

  • लोकतंत्र की नींव

  • दर्शन और विज्ञान का विकास

  • कला और वास्तुकला की उत्कृष्ट परंपरा

  • आधुनिक पश्चिमी सभ्यता पर गहरा प्रभाव

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